गुरु रविदास जयंती पर दिल्ली के सभी सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश, राज्य सरकार ने की घोषणा

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गुरु रविदास जयंती पर दिल्ली के सभी सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश, राज्य सरकार ने की घोषणा
Feb 15th 2022, 14:42, by Pulkit Bhardwaj

नई दिल्ली: 

दिल्ली सरकार ने गुरु रविदास जयंती के मौके पर सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश की घोषणा की है। इस साल रविदास जयंती 16 फरवरी को पड़ रही है। बता दें कि रविदास जयंती के चलते ही पंजाब में विधानसभा चुनावों की तारीख को 14 फरवरी से आगे बढ़ाते हुए 20 फरवरी कर दी गई है।

गुरु रविदास जयंती का महत्व

15वीं से 16वीं शताब्दी के दौरान भक्ति आंदोलन के संत, गुरु रविदास के जन्म के उपलक्ष्य ये जयंती मनाई जाती है। कहा जाता है कि गुरु रविदास ने कई भजन लिखे थे और उनमें से कुछ को सिख धर्म की पवित्र पुस्तक, गुरु ग्रंथ साहिब द्वारा अपनाया गया था। संत-कवि ने समाज को सुधारने और जाति व्यवस्था के पूर्वाग्रहों को दूर करने की दिशा में धार्मिक रूप से काम किया। यह दिन उत्तर भारत के राज्यों में प्रमुखता से मनाया जाता है, जिसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ शामिल हैं।

दिनांक

गुरु रविदास के जन्म की सही तारीख ज्ञात नहीं है, लेकिन यह व्यापक रूप से माना जाता है कि उनका जन्म 1377 में वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनकी जयंती माघ पूर्णिमा (माघ महीने में पूर्णिमा के दिन) को मनाई जाती है। इस बार यह 16 फरवरी को पड़ रही है।

इतिहास

गुरु रविदास ने सभी के लिए समानता और सम्मान की पैरवी की, चाहे उनकी जाति कुछ भी हो। उन्होंने लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया और लिंग या जाति के आधार पर समाज के विभाजन का विरोध किया। कुछ लोग कहते हैं कि वे भक्ति आंदोलन की प्रमुख कवियत्री- मीरा बाई के आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी थे।

उत्सव

गुरु रविदास के

अनुयायी आस्थावश

आरती करते हैं। वाराणसी में उनके जन्म स्थान पर बने श्री गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर में भव्य समारोह का आयोजन किया जाता है। उनके कुछ अनुयायी पवित्र नदी में डुबकी भी लगाते हैं।

मानवतावाद पर, गुरु रविदास ने कहा था, "यदि ईश्वर वास्तव में प्रत्येक मनुष्य में निवास करता है, तो जाति, पंथ और इस तरह के अन्य पदानुक्रमित सामाजिक आदेशों के आधार पर व्यक्तियों को अलग करना बिल्कुल व्यर्थ है।"

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