| दिव्यांगों के जीवन पर रचने, बात करने और समझने से ही बढ़ेगी संवेदनशीलता और मिटेगी दूरी Feb 15th 2022, 14:03, by Madhurima Rajpal  भोपाल। दिव्यांगों के जीवन के कई पहलुओं से सामान्यजन अनभिज्ञ रहते हैं क्योंकि एक अनकहा शून्य दिव्यांगजन और सामान्य जन के बीच अनचाहे ही पसरा रहता है, साहित्य इस अन्तर को पाट सकता है, साहित्य में दिव्यांग विमर्श बढ़े और उसके माध्यम से दिव्यांगों के प्रति संचेतना बढ़े इसी उद्देश्य को लेकर मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा 'हारा वही जो लड़ा नहीं' कार्यक्रम मप्र जनजातीय संग्रहालय में आयोजित हुआ। आयोजन में कविता कोष और गद्य कोष की स्थापना करने वाले ललित कुमार, सुप्रसिद्ध स्टैंड अप कॉमेडियन एवं मिमिक्री आर्टिस्ट अभय कुमार शर्मा, संचालक, संस्कृति अदिति कुमार त्रिपाठी एवं अन्य मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम में नेत्रबाधित कवियों का कवि सम्मेलन भी हुआ। अभय कुमार ने हास्य के सागर में लगवाए गोते कार्यक्रम में हास्य के सागर में गोते लगवाए जाने-माने स्टैंड अप कॉमेडियन अभय कुमार शर्मा ने। वाराणसी के इस नेत्र बाधित कलाकार ने अपनी तमाम शारीरिक दिक्कतों के बाद भी कॉमेडी जगत में अपना स्थान बनाया है, कई रिएलिटी शोज में नजर आ चुके अभय कुमार अपनी विशिष्ट प्रतिभा से अनेक बॉलीवुड हस्तियों को भी प्रभावित कर चुके हैं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मुख भी उन्हीं की आवाज प्रस्तुत कर चुके हैं। इसके पश्चात अंतिम सत्र में नेत्रबाधित कवियों का कवि सम्मेलन हुआ। |