दिल्ली के विकासपुरी में एक छोटी सी बात पर डेंटिस्ट पंकज नारंग की पीट-पीटकर हत्या के बाद फेसबुक और ट्विटर पर इसे लेकर धार्मिक नजरिया देने की कोशिश की जा रही है। इसी के बाद दिल्ली पुलिस की डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने यह स्पष्ट किया है कि इस हत्या में कोई धार्मिक एंगल नहीं है।
दिल्ली पुलिस के बाद भाजपा की तरफ से भी यही टिप्पणी आई है कि यह एक दुखद घटना है जिसे किसी भी तरह से धार्मिक एंगल देने की कोशिश न की जाए।
गौरतलब है कि इस निर्मम हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग तेजी से यह बात फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस हत्याकांड के पीछे धार्मिक मकसद था। जबकि पुलिस यह साफ कर चुकी है कि यह एक रोड रेज का मामला है। दो पक्षों में झगड़ा हुआ जिसके बाद एक व्यक्ति को बुरी तरह पीट-पीटकर मार डाला गया।
विकासपुरी इलाके में बुधवार देर रात कहासुनी के बाद बाइक सवार ने अपने परिचितों के साथ मिलकर एक डॉक्टर की लाठी-डंडों व हॉकी स्टिक से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हमले में डॉक्टर का जीजा भी घायल हो गया।
विकासपुरी थाना पुलिस ने हत्या व हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर नौ लोगों को पकड़ा है, जिसमें से चार नाबालिग, जबकि एक आरोपी महिला है। मुख्य आरोपी नासिर ई-रिक्शा चलाता है।
पुलिस के अनुसार, डॉक्टर पंकज नारंग (40) सपरिवार न्यू कृष्णा पार्क विकासपुरी में रहते थे। परिवार में पत्नी डॉक्टर उपमा नारंग, बेटा आदित्य और मां हैं। पंकज डेंटिस्ट थे और पत्नी के साथ तिलक नगर में क्लीनिक चलाते थे।
बुधवार रात नोएडा सेक्टर-30 निवासी उनका जीजा विकास सेठी अपने परिवार के साथ पंकज के घर आए थे। रात करीब 12 बजे पंकज का बेटा आदित्य और विकास का बेटा रचित बरामदे पर क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान बॉल बाहर चली गई।
आदित्य व रचित बाहर गली में आकर बॉल की तलाश करने लगे। पंकज और विकास भी बाहर आ गए। इसी दौरान जेजे कॉलोनी विकासपुरी निवासी नासिर और उसके दोस्त हरीश गली में तेज रफ्तार से बाइक चलाकर निकलने लगे।
तेज रफ्तार बाइक को पंकज ने रुकने का इशारा किया। नासिर के बाइक रोकने पर पंकज ने उसे गली में बाइक धीरे चलाने के लिए कहा। इससे नाराज नासिर, पंकज व विकास को गाली देने लगा और देख लेने की धमकी देकर चला गया।
कुछ देर बाद नासिर अपनी मां मयस्सर और आठ दस लोगों के साथ हॉकी स्टिक, लाठी डंडा और बेसबॉल का बैट लेकर वहां पहुंचा। उन लोगों ने पंकज और विकास को बाहर ही दबोच लिया और उनकी पिटाई कर दी और फरार हो गए।
पंकज और विकास को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें चानन देवी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान पंकज की मौत हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने विकास के बेटे के बयान पर हत्या और हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर नौ लोगों को पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों में चार नाबालिग हैं, जबकि अन्य लोगों में मुख्य आरोपी नासिर, उसकी मां मयस्सर, आमिर, गोपाल और आमिर शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक अन्य आरोपियो की तलाश जा रही है।
बेटे को बचाने में गई डॉक्टर की जान
डॉक्टर पंकज का बेटा आदित्य गली में बॉल की तलाश कर रहा था। इसी दौरान नासिर बाइक को तेज रफ्तार से चलाते हुए आया। पंकज ने बेटे को अपनी ओर खींचकर उसे बाइक की चपेट में आने से बचाया और नासिर को रुकने के लिए कहा। बाद में पंकज और नासिर में कहासुनी हुई और बाद में मारपीट हो गई।
हमलावरों ने की घर में तोड़फोड़
नासिर के साथ आए आठ दस लोगों में से कुछ ने पंकज के घर में घुसकर खिड़की के शीशे और गमले तोड़ दिए। रचित के मुताबिक, घर में मौजूद लोग चीखते चिल्लाते रहे। लेकिन तोड़फोड़ करने वालों ने जमकर उत्पात मचाया।
हमलावरों ने दोनों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
रचित के मुताबिक, हमलावर आते ही उसके मामा पर टूट पड़े। उन लोगों ने मामा के सिर और चेहरे पर लाठी डंडे बरसाने शुरू कर दिए। उसके पिता ने रोकने का प्रयास किया तो उन लोगों ने उनकी भी पिटाई कर दी। हमलावरों से बचने के प्रयास में उसके मामा और पिता भागने लगे। लेकिन हमलावरों ने उन्हें दौड़ा दौड़ा कर पीटा और घर से कुछ दूरी पर स्थित आनंद अस्पताल के पास अधमरा कर फरार हो गए। पंकज की ऐसी बेरहमी से पिटाई की गई थी कि उनका चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी।
सीसीटीवी फुटेज से मिले आरोपियों के सुराग
पुलिस को घटनास्थल के पास से सीसीटीवी फुटेज मिले। जिसके जरिए आरोपियों की पहचान की गई। सीसीटीवी फुटेज में घटना के दौरान मुख्य आरोपी नासिर की मां को हमलावरों को उकसाते हुए देखा गया है। पुलिस सीसीटीवी में कैद बाइक के नंबर के जरिये नासिर तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की उम्र 20 से 21 साल के बीच है। जबकि नाबालिगों की उम्र 16 से 17 साल के बीच है। आरोपियों के परिवार वाले मजदूरी करते हैं। नाबालिगों को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस के बाद भाजपा की तरफ से भी यही टिप्पणी आई है कि यह एक दुखद घटना है जिसे किसी भी तरह से धार्मिक एंगल देने की कोशिश न की जाए।
गौरतलब है कि इस निर्मम हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोग तेजी से यह बात फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस हत्याकांड के पीछे धार्मिक मकसद था। जबकि पुलिस यह साफ कर चुकी है कि यह एक रोड रेज का मामला है। दो पक्षों में झगड़ा हुआ जिसके बाद एक व्यक्ति को बुरी तरह पीट-पीटकर मार डाला गया।
विकासपुरी इलाके में बुधवार देर रात कहासुनी के बाद बाइक सवार ने अपने परिचितों के साथ मिलकर एक डॉक्टर की लाठी-डंडों व हॉकी स्टिक से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस हमले में डॉक्टर का जीजा भी घायल हो गया।
विकासपुरी थाना पुलिस ने हत्या व हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर नौ लोगों को पकड़ा है, जिसमें से चार नाबालिग, जबकि एक आरोपी महिला है। मुख्य आरोपी नासिर ई-रिक्शा चलाता है।
पुलिस के अनुसार, डॉक्टर पंकज नारंग (40) सपरिवार न्यू कृष्णा पार्क विकासपुरी में रहते थे। परिवार में पत्नी डॉक्टर उपमा नारंग, बेटा आदित्य और मां हैं। पंकज डेंटिस्ट थे और पत्नी के साथ तिलक नगर में क्लीनिक चलाते थे।
बुधवार रात नोएडा सेक्टर-30 निवासी उनका जीजा विकास सेठी अपने परिवार के साथ पंकज के घर आए थे। रात करीब 12 बजे पंकज का बेटा आदित्य और विकास का बेटा रचित बरामदे पर क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान बॉल बाहर चली गई।
आदित्य व रचित बाहर गली में आकर बॉल की तलाश करने लगे। पंकज और विकास भी बाहर आ गए। इसी दौरान जेजे कॉलोनी विकासपुरी निवासी नासिर और उसके दोस्त हरीश गली में तेज रफ्तार से बाइक चलाकर निकलने लगे।
तेज रफ्तार बाइक को पंकज ने रुकने का इशारा किया। नासिर के बाइक रोकने पर पंकज ने उसे गली में बाइक धीरे चलाने के लिए कहा। इससे नाराज नासिर, पंकज व विकास को गाली देने लगा और देख लेने की धमकी देकर चला गया।
कुछ देर बाद नासिर अपनी मां मयस्सर और आठ दस लोगों के साथ हॉकी स्टिक, लाठी डंडा और बेसबॉल का बैट लेकर वहां पहुंचा। उन लोगों ने पंकज और विकास को बाहर ही दबोच लिया और उनकी पिटाई कर दी और फरार हो गए।
पंकज और विकास को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें चानन देवी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान पंकज की मौत हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने विकास के बेटे के बयान पर हत्या और हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर नौ लोगों को पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों में चार नाबालिग हैं, जबकि अन्य लोगों में मुख्य आरोपी नासिर, उसकी मां मयस्सर, आमिर, गोपाल और आमिर शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक अन्य आरोपियो की तलाश जा रही है।
बेटे को बचाने में गई डॉक्टर की जान
डॉक्टर पंकज का बेटा आदित्य गली में बॉल की तलाश कर रहा था। इसी दौरान नासिर बाइक को तेज रफ्तार से चलाते हुए आया। पंकज ने बेटे को अपनी ओर खींचकर उसे बाइक की चपेट में आने से बचाया और नासिर को रुकने के लिए कहा। बाद में पंकज और नासिर में कहासुनी हुई और बाद में मारपीट हो गई।
हमलावरों ने की घर में तोड़फोड़
नासिर के साथ आए आठ दस लोगों में से कुछ ने पंकज के घर में घुसकर खिड़की के शीशे और गमले तोड़ दिए। रचित के मुताबिक, घर में मौजूद लोग चीखते चिल्लाते रहे। लेकिन तोड़फोड़ करने वालों ने जमकर उत्पात मचाया।
हमलावरों ने दोनों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
रचित के मुताबिक, हमलावर आते ही उसके मामा पर टूट पड़े। उन लोगों ने मामा के सिर और चेहरे पर लाठी डंडे बरसाने शुरू कर दिए। उसके पिता ने रोकने का प्रयास किया तो उन लोगों ने उनकी भी पिटाई कर दी। हमलावरों से बचने के प्रयास में उसके मामा और पिता भागने लगे। लेकिन हमलावरों ने उन्हें दौड़ा दौड़ा कर पीटा और घर से कुछ दूरी पर स्थित आनंद अस्पताल के पास अधमरा कर फरार हो गए। पंकज की ऐसी बेरहमी से पिटाई की गई थी कि उनका चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी।
सीसीटीवी फुटेज से मिले आरोपियों के सुराग
पुलिस को घटनास्थल के पास से सीसीटीवी फुटेज मिले। जिसके जरिए आरोपियों की पहचान की गई। सीसीटीवी फुटेज में घटना के दौरान मुख्य आरोपी नासिर की मां को हमलावरों को उकसाते हुए देखा गया है। पुलिस सीसीटीवी में कैद बाइक के नंबर के जरिये नासिर तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की उम्र 20 से 21 साल के बीच है। जबकि नाबालिगों की उम्र 16 से 17 साल के बीच है। आरोपियों के परिवार वाले मजदूरी करते हैं। नाबालिगों को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
