दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के चेयरमैन पीडी सुधाकर का कार्यकाल समाप्त हो गया है। चेयरमैन बनने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के दो जज समेत 58 आवेदक कतार में हैं।
तो वहीं सदस्य जेपी सिंह के पांच साल 12 फरवरी, 2016 को पूरे हो रहे हैं। फिलहाल सिंह ही सुधाकर का कामकाज संभालेंगे।
बहरहाल इन दोनो पदों को भरने के लिए सरकार ने रिटायर जज एसएन अग्रवाल की अध्यक्षता में जो समिति बनाई है, उसकी दो बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अंतिम निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, डीईआरसी चेयरमैन के लिए जो 58 आवेदन आए हैं, उसमें दिल्ली उच्च न्यायलय के दो वर्तमान न्यायधीश शामिल हैं। एक महिला न्यायधीश हैं जो पिछले साल मार्च में स्थायी जज बनी हैं, जबकि एक न्यायधीश मार्च, 2010 से स्थायी जज हैं।
डीईआरसी के सदस्य जेपी सिंह का कार्यकाल 12 फरवरी को समाप्त हो रहा है। सदस्य के लिए 90 आवेदन पत्र कमेटी को मिले हैं। इसमें दिल्ली में तैनात आईएएस अधिकारी जनक दीगल, अल्का दीवान और वीपी राव भी शामिल हैं।
तो वहीं सदस्य जेपी सिंह के पांच साल 12 फरवरी, 2016 को पूरे हो रहे हैं। फिलहाल सिंह ही सुधाकर का कामकाज संभालेंगे।
बहरहाल इन दोनो पदों को भरने के लिए सरकार ने रिटायर जज एसएन अग्रवाल की अध्यक्षता में जो समिति बनाई है, उसकी दो बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अंतिम निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है।
समिति में केन्द्रीय विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन और दिल्ली के मुख्य सचिव भी सदस्य हैं। सरकार अगर अपनी पसंद का चेयरमैन बनवाने में सफल होती है तो बिजली कंपनियों के साथ चल रही लड़ाई में उसे काफी मदद मिल सकती है।
सूत्रों के अनुसार, डीईआरसी चेयरमैन के लिए जो 58 आवेदन आए हैं, उसमें दिल्ली उच्च न्यायलय के दो वर्तमान न्यायधीश शामिल हैं। एक महिला न्यायधीश हैं जो पिछले साल मार्च में स्थायी जज बनी हैं, जबकि एक न्यायधीश मार्च, 2010 से स्थायी जज हैं।
डीईआरसी के सदस्य जेपी सिंह का कार्यकाल 12 फरवरी को समाप्त हो रहा है। सदस्य के लिए 90 आवेदन पत्र कमेटी को मिले हैं। इसमें दिल्ली में तैनात आईएएस अधिकारी जनक दीगल, अल्का दीवान और वीपी राव भी शामिल हैं।
