कापसहेड़ा इलाके में बुधवार सुबह एमसीडी स्कूल की लापरवाही से एक मासूम की मौत हो गई। दरअसल, स्कूल परिसर में बने सेप्टिक टैंक के खुले मैनहोल में मासूम गिर गया।
जब तक उसे निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम की शिनाख्त अंकित कुमार (5) के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया।
पुलिस के मुताबिक अंकित कुमार अपने परिवार के साथ गली नंबर-3 कापसहेड़ा में रहता था। इसके परिवार में पिता राजेश कुमार, मां पूनम देवी और एक बड़ा भाई रोहित (8) है।
टैंक का ढक्कन पिछले काफी समय से गायब था। स्थानीय लोगों की मानें तो स्कूल में काफी समय से निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि स्कूल प्रशासन ने टैंक के खुले होने पर ध्यान क्यों नहीं दिया।
यही नहीं अंकित के गिरने के बाद भी स्कूल प्रशासन की ओर से उसे निकालने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। एक स्थानीय किशोर रामशेष ने हिम्मत दिखाकर मासूम को निकाला। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जब तक उसे निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम की शिनाख्त अंकित कुमार (5) के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया।
पुलिस के मुताबिक अंकित कुमार अपने परिवार के साथ गली नंबर-3 कापसहेड़ा में रहता था। इसके परिवार में पिता राजेश कुमार, मां पूनम देवी और एक बड़ा भाई रोहित (8) है।
अंकित व रोहित कापसहेड़ा गली नंबर-7 स्थित एमसीडी प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे। अंकित नर्सरी का छात्र था, वहीं रोहित तीसरी कक्षा में पढ़ता है। बुधवार को दोनों भाई स्कूल गए थे। इस बीच सुबह करीब 11:30 बजे अंकित स्कूल परिसर में बने सेप्टिक टैंक में गिर गया।
हादसे के समय टैंक का ढक्कन खुला था। हादसे की खबर मिलते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। हादसे का पता चलते ही एक स्थानीय किशोर टैंक में कूद गया और मशक्कत के बाद अंकित को बाहर निकाल लिया।
गंभीर हालत में अंकित को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई।
गंभीर हालत में अंकित को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई।
लोगों ने परिजनों के साथ मिलकर जमकर हंगामा किया, पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
टैंक का ढक्कन पिछले काफी समय से गायब था। स्थानीय लोगों की मानें तो स्कूल में काफी समय से निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि स्कूल प्रशासन ने टैंक के खुले होने पर ध्यान क्यों नहीं दिया।
यही नहीं अंकित के गिरने के बाद भी स्कूल प्रशासन की ओर से उसे निकालने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। एक स्थानीय किशोर रामशेष ने हिम्मत दिखाकर मासूम को निकाला। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
