निजी स्कूलों ने सरकार के उस फैसले को गलत ठहराया है जिसमें प्रबंधन कोटा खत्म कर दिया गया था। हाईकोर्ट के समक्ष उन्होंने तर्क रखा कि सरकार के पास निजी स्कूलों के लिए इस तरह का आदेश पारित करने का अधिकार ही नहीं है। गांगुली कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है की निजी स्कूलों की स्वायत्तता को सरकार किस आधार पर खत्म कर सकती है।
न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान निजी स्कूलों के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि निजी स्कूल में दाखिला किस आधार पर हो, इस बात का पूरा अधिकार प्रबंधन रखता है।
सुनवाई के दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व आप नेता राघव चड्डा भी उपस्थित थे। समयाभाव के कारण अदालत ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। स्कूलों के अधिवक्ता ने कहा कि वे सोमवार को पक्ष रखेंगे। अदालत ने कहा कि कल दिल्ली सरकार अपना पक्ष रखे ताकि वे मामले में जल्द निर्णय दे सकें।
