मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली जनलोकपाल विधेयक को आजाद भारत का सबसे मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी कानून करार दिया है।
केजरीवाल ने उसी कुर्सी पर बैठकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का जनलोकपाल बिल पेश करने का भाषण सुना जिस कुर्सी से 14 फरवरी, 2014 को बिल पेश करना चाहते थे।
केजरीवाल ने ट्वीट कर उपमुख्यमंत्री को स्वतंत्र भारत का सबसे मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल बिल पेश करने पर बधाई दी। इसे ऐतिहासिक दिन बताया।
शीतकालीन सत्र में पहली बार शामिल हुए मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बिल पेश करने के दौरान गंभीरता से बैठे नजर आए। विपक्ष नहीं था तो विधायकों के मेज थपथपाने के दौरान मुख्यमंत्री ने भी खड़े होकर दिल्ली जनलोकपाल बिल पेश करने की खुशी जताने के लिए मेज थपथपाई।
सदन के बाहर निकलकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओं ने कंधे पर उठाकर खुशी का इतहार किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 14 फरवरी, 2014 को जिस बिल को पेश करना चाहते थे, उसे पेश नहीं कर सके।
अब नए बिल में कुछ बदलाव के साथ उसे पेश किया गया, लेकिन उपराज्यपाल या केन्द्र सरकार की अनुमति के बिना बिल पेश करने की प्रक्रिया नहीं बदली है।
सदन के बाहर निकलकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओं ने कंधे पर उठाकर खुशी का इतहार किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 14 फरवरी, 2014 को जिस बिल को पेश करना चाहते थे, उसे पेश नहीं कर सके।
अब नए बिल में कुछ बदलाव के साथ उसे पेश किया गया, लेकिन उपराज्यपाल या केन्द्र सरकार की अनुमति के बिना बिल पेश करने की प्रक्रिया नहीं बदली है।
