पंजाब सरकार ने इंडस्ट्री को राहत दी है। उद्योग विभाग से संबंधित 68 सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया गया है। इसके बाद अब आरटीएस के तहत निर्धारित समय में ये काम करने पड़ेंगे।
पिछले दिनों उद्यमियों ने मुख्य सचिव सर्वेश कौशल के साथ बैठक में यह मांग रखी थी। मुख्य सचिव ने तमाम विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस पर फैसला लिया। इनमें उद्योग-वाणिज्य, बिजली, वन, श्रम, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, एक्साइज टैक्सेशन विभाग शामिल हैं।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की 25 सेवाओं को आरटीएस के दायरे में लाया गया है, जिनमें हरित उद्योगों की स्थापना को मंजूरी, हानिकारक वेस्टेज के निपटारे को मंजूरी आदि शामिल हैं।
इसी तरह एक्साइज टैक्सेशन विभाग की बीस सेवाएं आरटीएस के तहत आएंगी। इनमें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देना, शराब लाइसेंस, मैरिज पैलेसों को लाइसेंस, एडवांस कर से छूट का प्रमाणपत्र, लग्जरी कार का रजिस्ट्रेशन आदि शामिल है।
बिजली विभाग की नौ सेवाओं के इस दायरे में लाया गया है, जिनमें कॉलोनियों में कनेक्शन के लिए एनओसी, सोलर प्रोजेक्ट से बिजली सप्लाई को मंजूरी, बिजली बिलों के बकाए के रिफंड, लैब में मीटर की जांच आदि शामिल हैं। श्रम विभाग की नौ सेवाएं आरटीएस में लाई जाएंगी, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस, नई फैक्ट्री बिल्डिंग के प्लान को मंजूरी, फैक्ट्री रजिस्ट्रेशन आदि शामिल हैं।
वन विभाग की पांच सेवाएं इस दायरे में होंगी। मुख्य सचिव ने फार्म को सरल बनाने और इंडस्ट्री से संबंधित आवेदन ऑनलाइन करने पर जोर दिया।
हर स्तर पर निपटारे के बाद आवेदक को लिखित रूप में सूचित करने को कहा। उद्योग विभाग को हिदायत दी कि फोकल प्वाइंट्स संबंधी आवश्यक सेवाएं भी आरटीएस में लाई जाएं।
पिछले दिनों उद्यमियों ने मुख्य सचिव सर्वेश कौशल के साथ बैठक में यह मांग रखी थी। मुख्य सचिव ने तमाम विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद इस पर फैसला लिया। इनमें उद्योग-वाणिज्य, बिजली, वन, श्रम, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, एक्साइज टैक्सेशन विभाग शामिल हैं।
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की 25 सेवाओं को आरटीएस के दायरे में लाया गया है, जिनमें हरित उद्योगों की स्थापना को मंजूरी, हानिकारक वेस्टेज के निपटारे को मंजूरी आदि शामिल हैं।
इसी तरह एक्साइज टैक्सेशन विभाग की बीस सेवाएं आरटीएस के तहत आएंगी। इनमें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देना, शराब लाइसेंस, मैरिज पैलेसों को लाइसेंस, एडवांस कर से छूट का प्रमाणपत्र, लग्जरी कार का रजिस्ट्रेशन आदि शामिल है।
बिजली विभाग की नौ सेवाओं के इस दायरे में लाया गया है, जिनमें कॉलोनियों में कनेक्शन के लिए एनओसी, सोलर प्रोजेक्ट से बिजली सप्लाई को मंजूरी, बिजली बिलों के बकाए के रिफंड, लैब में मीटर की जांच आदि शामिल हैं। श्रम विभाग की नौ सेवाएं आरटीएस में लाई जाएंगी, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस, नई फैक्ट्री बिल्डिंग के प्लान को मंजूरी, फैक्ट्री रजिस्ट्रेशन आदि शामिल हैं।
वन विभाग की पांच सेवाएं इस दायरे में होंगी। मुख्य सचिव ने फार्म को सरल बनाने और इंडस्ट्री से संबंधित आवेदन ऑनलाइन करने पर जोर दिया।
हर स्तर पर निपटारे के बाद आवेदक को लिखित रूप में सूचित करने को कहा। उद्योग विभाग को हिदायत दी कि फोकल प्वाइंट्स संबंधी आवश्यक सेवाएं भी आरटीएस में लाई जाएं।
