दिल्ली में बृहस्पतिवार को हुई अब तक की सबसे चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने कैश वैन के ड्राइवर को शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली पुलिस ने ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद हुई अपनी प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए सारे मामले का खुलासा किया। सबसे पहली बात जो पुलिस ने बताई वो ये कि उसने इस मामले को लूट नहीं माना है बल्कि चोरी मानी है।
इसका कारण बताते हुए दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट एसीपी आर कृष्णैया ने बताया कि लूट में बल का प्रयोग होता है जबकि ये सीधा-सीधा चोरी का मामला है। इसके साथ ही पुलिस ने इसे ड्राइवर की 'दिमागी खुराफात' भी बताया है।
12 घंटे के अंदर ही सबसे बड़ी चोरी की वारदात सुलझाने वाली दिल्ली पुलिस ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में इस बात का खुलासा किया कि ड्राइवर प्रदीप दोपहर करीब ढाई बजे ही वैन लेकर गनमैन के साथ निकला था। रास्ते में गनमैन ने लघुशंका जाने के लिए वैन रुकवाई।
पुलिस का कहना है कि गनमैन के कैशवैन से उतरने के बाद ही अचानक से ड्राइवर के दिमाग में ये खुराफात सूझी कि वो वैन लेकर भाग जाए और उसने ऐसा ही किया।
जब गनमैन वापस लौटा तो वैन वहां न पाकर उसने ड्राइवर को फोन किया तब वो बोला कि पुलिस ने गाड़ी खड़ी न होने दी इसलिए उसने गाड़ी आगे ले ली है वो वापस लौटेगा। कुछ देर बाद भी जब वो न आया तो गार्ड ने उसे दोबारा फोन किया और तब उसका फोन स्विच ऑफ आने लगा।
ड्राइवर का फोन स्विच ऑफ आने के बाद गनमैन ओखला स्थित कंपनी के दफ्तर गया और सारी बात बताई। इसके बाद कंपनी ने जरूरी कार्रवाई की और जब जीपीएस के माध्यम से वैन ट्रेस किया गया तो पता चला कि वो गोविंदपुरी में मेट्रोस्टेशन के पास खड़ी है।
दिल्ली पुलिस ने ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद हुई अपनी प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए सारे मामले का खुलासा किया। सबसे पहली बात जो पुलिस ने बताई वो ये कि उसने इस मामले को लूट नहीं माना है बल्कि चोरी मानी है।
इसका कारण बताते हुए दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट एसीपी आर कृष्णैया ने बताया कि लूट में बल का प्रयोग होता है जबकि ये सीधा-सीधा चोरी का मामला है। इसके साथ ही पुलिस ने इसे ड्राइवर की 'दिमागी खुराफात' भी बताया है।
12 घंटे के अंदर ही सबसे बड़ी चोरी की वारदात सुलझाने वाली दिल्ली पुलिस ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में इस बात का खुलासा किया कि ड्राइवर प्रदीप दोपहर करीब ढाई बजे ही वैन लेकर गनमैन के साथ निकला था। रास्ते में गनमैन ने लघुशंका जाने के लिए वैन रुकवाई।
पुलिस का कहना है कि गनमैन के कैशवैन से उतरने के बाद ही अचानक से ड्राइवर के दिमाग में ये खुराफात सूझी कि वो वैन लेकर भाग जाए और उसने ऐसा ही किया।
जब गनमैन वापस लौटा तो वैन वहां न पाकर उसने ड्राइवर को फोन किया तब वो बोला कि पुलिस ने गाड़ी खड़ी न होने दी इसलिए उसने गाड़ी आगे ले ली है वो वापस लौटेगा। कुछ देर बाद भी जब वो न आया तो गार्ड ने उसे दोबारा फोन किया और तब उसका फोन स्विच ऑफ आने लगा।
ड्राइवर का फोन स्विच ऑफ आने के बाद गनमैन ओखला स्थित कंपनी के दफ्तर गया और सारी बात बताई। इसके बाद कंपनी ने जरूरी कार्रवाई की और जब जीपीएस के माध्यम से वैन ट्रेस किया गया तो पता चला कि वो गोविंदपुरी में मेट्रोस्टेशन के पास खड़ी है।
