जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रबंधन ने दीक्षांत समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है। विश्वविद्यालय में शिक्षकों से लेकर छात्रों का एक बड़ा घड़ा प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित करने के विरोध में है।
इस विरोध की वजह ये है कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने बटला हाउस एनकाउंटर मामले में जामिया के विरोध में बयान दिया था।
वहीं विवि के जानकार यह भी कह रहे हैं कि अब जामिया में पहले जैसे हालात नहीं है। पूर्व कुलपति नजीब जंग के कार्यकाल में कैंपस में बहुत बदलाव हुए हैं।
जानकार ये भी मानते हैं कि यदि मोदी जामिया आते हैं तो असहिष्णुता के माहौल पर मचे बवाल पर भी रोक लग सकेगी। जामिया के प्रोफेसर और प्रवक्ता मुकेश रंजन का कहना है कि समारोह के लिए प्रधानमंत्री को बुलावा भेजा है।
विश्वविद्यालय समारोह में प्रमुख हस्तियों को बुलाता रहता है। इसी के तहत नरेंद्र मोदी को निमंत्रण भेजा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से आमंत्रण स्वीकार होने के बाद तिथि निर्धारित की जाएगी।
इस विरोध की वजह ये है कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने बटला हाउस एनकाउंटर मामले में जामिया के विरोध में बयान दिया था।
वहीं विवि के जानकार यह भी कह रहे हैं कि अब जामिया में पहले जैसे हालात नहीं है। पूर्व कुलपति नजीब जंग के कार्यकाल में कैंपस में बहुत बदलाव हुए हैं।
जानकार ये भी मानते हैं कि यदि मोदी जामिया आते हैं तो असहिष्णुता के माहौल पर मचे बवाल पर भी रोक लग सकेगी। जामिया के प्रोफेसर और प्रवक्ता मुकेश रंजन का कहना है कि समारोह के लिए प्रधानमंत्री को बुलावा भेजा है।
विश्वविद्यालय समारोह में प्रमुख हस्तियों को बुलाता रहता है। इसी के तहत नरेंद्र मोदी को निमंत्रण भेजा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से आमंत्रण स्वीकार होने के बाद तिथि निर्धारित की जाएगी।
