भ्रष्टाचार के मामले में सजायाफ्ता पंजाब के कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह को फिर से मंत्रिमंडल में शामिल करने के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सीएम प्रकाश सिंह बादल को नोटिस जारी किया है।
याचिका में तोता सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करने को गलत ठहराया गया है। साथ ही उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट के जस्टिस एसके मित्तल व जस्टिस शेखर धवन की डिवीजन बेंच ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से अपना पक्ष रखने को कहा है। अब मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
मोगा से एसजीपीसी सदस्य सुखजीत सिंह ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार का दुरुपयोग करने पर भ्रष्टाचार मामले में एक साल और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिलने पर तोता सिंह ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
बावजूद इसके उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया। हालांकि हाईकोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर रखी है, लेकिन तोता सिंह के पास कृषि मंत्रालय है। उधर, कृषि विभाग में कीटनाशक दवा खरीद में घोटाले का मामला सामने आया है।
विभाग के डायरेक्टर और अन्य अधिकारी के खिलाफ मामले दर्ज हुए और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच टीम भी गठित की गई है। याचिका में आशंका जताई गई है कि तोता सिंह के मंत्रालय में रहते हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। लिहाजा उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
याचिका में तोता सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करने को गलत ठहराया गया है। साथ ही उन्हें मंत्री पद से हटाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट के जस्टिस एसके मित्तल व जस्टिस शेखर धवन की डिवीजन बेंच ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से अपना पक्ष रखने को कहा है। अब मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
मोगा से एसजीपीसी सदस्य सुखजीत सिंह ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार का दुरुपयोग करने पर भ्रष्टाचार मामले में एक साल और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिलने पर तोता सिंह ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
बावजूद इसके उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया। हालांकि हाईकोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर रखी है, लेकिन तोता सिंह के पास कृषि मंत्रालय है। उधर, कृषि विभाग में कीटनाशक दवा खरीद में घोटाले का मामला सामने आया है।
विभाग के डायरेक्टर और अन्य अधिकारी के खिलाफ मामले दर्ज हुए और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच टीम भी गठित की गई है। याचिका में आशंका जताई गई है कि तोता सिंह के मंत्रालय में रहते हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। लिहाजा उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
