अदालत ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ शिकायत के मामले में चुनाव आयोग व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से उनकी शैक्षिक योग्यता संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है।
ईरानी पर अपनी शिक्षा के बारे में चुनावी हलफनामे में झूठी जानकारी देने के आरोप में शिकायत विचाराधीन है। पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी आकाश जैन ने शिकायतकर्ता अहमर खान के आग्रह को स्वीकार करते हुए उक्त रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता का कहना था कि वह खुद यह रिकॉर्ड कोर्ट में पेश नहीं कर सकता।
अदालत ने दूसरी ओर खान के उस आग्रह को खारिज कर दिया जिसमें उसने ईरानी के दसवीं व बारहवीं कक्षा से संबंधित रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को देने की मांग की थी।
अदालत ने कहा र्कि ईरानी के दसवीं व बारहवीं की शैक्षिक योग्यता को चुनौती नहीं दी गई है, इसलिए इनको मंगाने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने केस की सुनवाई के लिये 16 मार्च 2016 की तारीख तय की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्मृति ईरानी ने 2004, 2011, 2014 में जानबूझकर अपनी शैक्षिक योग्यता के संबंध में झूठी जानकारी चुनाव आयोग को दी।
इस लिहाज से उनका यह कृत्य भारतीय जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत अपराध है और इसके लिये उन्हें छह माह की कैद व जुर्माने की सजा दी जा सकती है। अदालत ने इस शिकायत पर 24 जून 2015 को संज्ञान लिया था।
