देश के प्रतिष्ठित 19 भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) समेत बिजनेस स्कूलों में दाखिले के लिए होने वाले कॉमन एडमिशन टेेस्ट (सीएटी) रविवार को संपन्न हो गया। इस परीक्षा के लिए कुल 2.18 लाख छात्रों ने आवेदन किया था। दो पाली में हुए पेपर को छात्रों ने पसंद किया। पहले पाली की परीक्षा के बाद छात्र खुश नजर आए और पेपर को आसान बताया। वहीं विशेषज्ञों ने भी इसे पढ़ने वाले छात्रों के लिए आसान बताया।
पहली पाली के 100 अंकों वाले पेपर को तीन भागों में बांटा गया जिसमें पहला भाग 34 दूसरा 32 और तीसरा 34 नंबर का था। विशेषज्ञों के अनुसार तीनों पाली के पेपर में पहली पाली का पेपर आसान रहा, जिसमें पढ़ने वाले छात्र 25 से 27 प्रश्न तक सही कर सकते है, जबकि डिस्क्रिप्टिव क्वेश्चन में निगेटिव मार्किंग न होने से परीक्षार्थियों को परेशानी कम हुई तो कैलकुलेटर के ऑनलाइन प्रयोग की छूट से आसानी हुई।
परीक्षा देकर बाहर आए छात्र के अनुसार कुछ पेचीदा सवालों ने परेशान जरूर किया लेकिन पेपर अच्छा था। करियर लांचर के एक्सपर्ट गौतम पुरी के अनुसार पेपर का पूरा पैटर्न वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल पेपर की नकल था इस लिए इसे फॉलो करने वालों को जरूर फायदा हुआ होगा, दूसरी तरफ पहले स्लॉट में वरबल एबिलिटी, कॉम्प्रीहेंसिव के पांच पैसेजों में से तीन आसान होने के साथ ग्रामर के सवाल न होना छात्रों के लिए सरप्राइज रहा।
पहली पाली के दूसरे स्लॉट में डेटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रिजनिंग में पहले तीन सेट सरल जबकि बाकी दो कठिन थे पुरी के अनुसार पढ़ने वाले छात्रों ने इसमें 20 से 24 प्रश्न सही किए होंगे। हालांकि तीसरे स्लॉट के क्वांटिटेटिव एबिलिटी के 34 व 15 डिस्क्रिप्टिव प्रश्नों ने इसे थोड़ा कठिन बनाया।
पहली पाली के 100 अंकों वाले पेपर को तीन भागों में बांटा गया जिसमें पहला भाग 34 दूसरा 32 और तीसरा 34 नंबर का था। विशेषज्ञों के अनुसार तीनों पाली के पेपर में पहली पाली का पेपर आसान रहा, जिसमें पढ़ने वाले छात्र 25 से 27 प्रश्न तक सही कर सकते है, जबकि डिस्क्रिप्टिव क्वेश्चन में निगेटिव मार्किंग न होने से परीक्षार्थियों को परेशानी कम हुई तो कैलकुलेटर के ऑनलाइन प्रयोग की छूट से आसानी हुई।
परीक्षा देकर बाहर आए छात्र के अनुसार कुछ पेचीदा सवालों ने परेशान जरूर किया लेकिन पेपर अच्छा था। करियर लांचर के एक्सपर्ट गौतम पुरी के अनुसार पेपर का पूरा पैटर्न वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल पेपर की नकल था इस लिए इसे फॉलो करने वालों को जरूर फायदा हुआ होगा, दूसरी तरफ पहले स्लॉट में वरबल एबिलिटी, कॉम्प्रीहेंसिव के पांच पैसेजों में से तीन आसान होने के साथ ग्रामर के सवाल न होना छात्रों के लिए सरप्राइज रहा।
पहली पाली के दूसरे स्लॉट में डेटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रिजनिंग में पहले तीन सेट सरल जबकि बाकी दो कठिन थे पुरी के अनुसार पढ़ने वाले छात्रों ने इसमें 20 से 24 प्रश्न सही किए होंगे। हालांकि तीसरे स्लॉट के क्वांटिटेटिव एबिलिटी के 34 व 15 डिस्क्रिप्टिव प्रश्नों ने इसे थोड़ा कठिन बनाया।
