सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में बच्चा बदलने के आरोप की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति ने सोमवार को सीएमएस को रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चा बदलने का आरोप गलत था। बच्ची आरोप लगाने वाले दंपति की ही है।
समिति में शामिल डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि आरोप लगाने वाले दंपति, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और उस दंपति के भी बयान लिए गए, जिन पर बच्चा लेने का आरोप था।
दोनों ही महिलाओं की डिलीवरी ऑपरेशन से हुई थी। डिलीवरी में एक घंटे का अंतर था। ऑपरेशन से डिलीवरी में थोड़ी देर तक बेहोशी की दवा का असर रहता है। संभव है कि उसी में महिला को भ्रम हो गया कि उसे लड़का हुआ है।
गौरतलब है कि सदरपुर सेक्टर-45 निवासी सुनील ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी अंजू को लड़का हुआ था लेकिन उसे लड़की दे दी गई।
