Two suspects appeared in military uniform at school, terror in city / पठानकोट में फिर दिखे दो संदिग्‍ध, तलाश जारी

Swati
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पंजाब के पठानकोट में सैन्य वर्दी में दो संदिग्ध व्यक्ति मंगलवार सुबह करीब सवा सात बजे खड्डी पुल स्थित महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पहुंचे। उनके जाने के बाद स्कूल की महिला कर्मचारी ने इसकी सूचना प्रिंसिपल को दी।

प्रिंसिपल से जानकारी मिलने पर स्कूल चेयरमैन ने करीब दस बजे इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर डीएसपी मनोज कुमार ने थाना डिवीजन नंबर एक के एसएचओ विपन कुमार और थाना मामून के प्रभारी रजिंद्र मन्हास की टीम के साथ सर्च अभियान चलाया और महिला कर्मी से पूछताछ की।

स्कूल की कर्मचारी नरेश कुमारी ने बताया कि वह सुबह सवा सात बजे काम कर रही थी। इस दौरान सैन्य वर्दी में दो व्यक्ति स्कूल के पीछे जंगल से होते हुए तार फांद कर अंदर दाखिल हुए। जब उन दोनों व्यक्तियों ने उसे देखा तो प्रिंसिपल के कमरे के बारे में पूछा। इसके बाद वह दोनों प्रिंसिपल के कमरे में बैठ गए और पीने के लिए पानी मांगा।

पानी पिलाने के बाद जब वह गिलास रखने के लिए बाहर गई तो दोनों व्यक्तियों ने पूरे स्कूल की ओर अपनी नजर दौड़ानी शुरू कर दी। इसके अलावा स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सहित स्कूल में होने वाली गतिविधियों के बारे में उससे पूछना शुरू कर दिया। नरेश कुमारी ने बताया कि पूछताछ करने के बाद वह दोनों व्यक्ति दोबारा उसी रास्ते से वापस चले गए।

उनके जाने के तुरंत बाद उसने स्कूल प्रिंसिपल को फोन कर इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी सिटी मनोज कुमार ठाकुर, एसपीडी जसपाल सिंह, थाना डिवीजन नंबर एक के एसएचओ विपन कुमार, थाना मामून एसएचओ रजिंद्र मन्हास ने सर्च अभियान शुरू कर आस-पास के लोगों से पूछ-ताछ करनी शुरू की। इस मौके पर कांग्रेस किसान व खेत मजदूर सैल के चेयरमैन अमित मंटू व राहुल शर्मा भी मौके पर पहुंचे।

देखने में लगते थे ऐसे संदिग्ध: महिला कर्मचारी नरेश कुमारी ने बताया कि स्कूल में जो दो व्यक्ति आए थे, वह करीब 6-6 फीट के थे और उन्होंने सेना की वर्दी पहनी हुई थी। इसके अलावा उन्होंने अपनी पीठ पर बैग डाले हुए थे और विभिन्न भाषाओं में बात कर रहे थे। इतना ही नहीं उनकी दाढ़ी बड़ी-बड़ी थी।

डीएसपी सिटी मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि जैसे ही उन्हें स्कूल में दो संदिग्ध व्यक्तियों के घुसने की सूचना मिली, उन्होंने टीम के साथ वहां पर जाकर सर्च अभियान चलाया। लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। वहीं उन्होंने कहा कि शायद सेना के जवान यहां पर नक्शा देखने के लिए आए हो और पानी पीकर चले गए हो।

उन्होंने सभी स्कूलों व कालेजों के मुख्य प्रबंधकों को हिदायत दी कि वह सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। स्कूल चेयरमैन को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर उन्होंने समय पर इस घटना की सूचना दी होती तो शायद अब तक इस बात की पुष्टि हो जाती कि जो लोग स्कूल में आए थे, वह सेना के जवान थे या आतंकवादी।

उन्होंने लोगों से भी अपील की है, कि वह किसी भी प्रकार की कोई झूठी अफवाह न फैलाएं। अगर को भी व्यक्ति अफवाह फैलाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

परिजन बच्चों को लेने के लिए स्कूल पहुंचे: स्कूल में आतंकियों के आने की सूचना पूरे शहर में आग की तरफ फैल गई। इसके बाद परिजन अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूल आए और साथ लेकर चले गए। इस आतंकी माहौल से स्कूल में जितने भी बच्चे थे, सभी पूरी तरह से घबराए हुए थे। बाद में स्कूल ने बच्चों की छुट्टी कर दी गई।

बच्चों को दहशत से बचाने के लिए देर से दी सूचना: चेयरमैन प्रकाश सिंह ने बताया कि इस संबंध में जब उन्हें फोन आया, तो वह स्कूल आए और इस बारे में किसी को भी न बताने को कहा। ताकि इससे बच्चों के दिलों में आतंकवाद का भय ने बैठे। लेकिन महिला कर्मचारी की बातों से ऐसा लग रहा था वह सच में आतंकवादी न हो, इसलिए उन्होंने कुछ देर बाद पुलिस को फोन कर मामले की सूचना दी। 

बेखौफ रहें और अफवाहें न उड़ाएं: विधायक
विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा कि स्कूल में दो संदिग्ध व्यक्तियों के देखे जाने सूचना मिली, वह मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां पर सर्च अभियान चलाया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस समय सुरक्षा की दृष्टि से पठानकोट एक संवेदनशील शहर है। पुलिस ने जिले के चप्पे-चप्पे पर पैनी निगाह रख रही है। लोग बेखौफ रहे और इस तरह की अफवाहें न उड़ाएं।

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