Truth exposed behind gurdaspur terror attack in punjab / गुरदासपुर को दहलाने आए आतंकियों का सच आया सामने

Swati
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पंजाब के गुरदासपुर में हुए आतंकी हमले की जांच में बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया है। आतंकियों के नापाक इरादों का भी खुलासा हुआ। 

जांच में सामने आया कि दीनानगर (गुरदासपुर) आतंकी हमला साल 2008 में हुए 26/11 के मुंबई के टेरर अटैक और साल 2001 में दिल्ली में संसद भवन पर हुए फिदायीन हमले जैसी ही था। सीमावर्ती पुलिस रेंज की जांच और आंतकवादियों से बरामद अत्याधुनिक हथियारों से तथ्य सामने आया है कि सभी आतंकी प्रशिक्षण प्राप्त थे और पंजाब में किसी बड़े कारनामे को अंजाम देने के लिए पाक सीमा पार से देश में दाखिले हुए थे। 

पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि हमले के सभी पहलु पाकिस्तान से प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादियों की रणनीति से हूबहू मेल खाते हैं, क्योंकि आत्मघाती दस्ते तैयार करते समय आतंकवादियों को छोटी उम्र में ही गोली चलाने और बम धमाके का प्रशिक्षण दिया जाता है। फिदायीन हमले से पहले आतंकियों के सीने के बाल उतारकर कुछ धार्मिक रस्म निभाई जाती हैं। उसके बाद उन्हें धार्मिक परंपरा के तहत नहलाकर आत्मघाती हमला करने के लिए भेजा जाता है।

जांच के दौरान सामने आया है कि दीनानगर में मारे गए तीनों आतंकवादियों के सीने के बाल उतारे हुए थे। इनसे बरामद हुए जीपीएस, दस्ताने व कपड़ों की जांच चल रही है। उन्होंने पहचान छिपाने के लिए अपने कपड़ों के लेवल हटाए हुए थे, लेकिन बरामद दस्ताने पाकिस्तान के ही बने हुए हैं, जिससे साबित होता है कि हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। रॉकेट लांचर पर लगी हुई मुहर को घिसा गया था।

पुरानी इमारत में दाखिल हुए आतंकी
जांच रिपोर्ट के अनुसार आतंकवादी जब थाना परिसर में गोलियां दागते घुसे तो पुलिस कर्मचारियों ने तुंरत थाने के दरवाजे बंद कर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ऐसे में वह थाने में दाखिल नहीं हो सके और इसके पीछे खाली पड़ी पुरानी इमारत में घुस गए। पुलिस परिवारों के क्वार्टरों में भी वह प्रवेश नहीं कर पाए। 

पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई के कारण आतंकी बड़ी घटना को अंजाम देने में नाकाम साबित हुए। रिपोर्ट में एसएचओ मुख्तियार सिंह, एसआई राजिंदर कुमार, हैंड ग्रेनेड माहिर हवलदार तारा सिंह, हवलदार लखबीर सिंह और सिपाही जतिंदर सिंह की आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की भी सराहना की गई है।
दीनानगर आतंकी हमले के बाद पंजाब में स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चौकसी बढ़ा दी गई है। पंजाब पुलिस मुख्यालय से सभी जिलों के एसएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं कि संदिग्धों पर विशेष नजर रखी जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था काफी अधिक कड़ी की गई है। 

उधर, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंघल ने 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर प्रदेश में सुरक्षा के प्रबंधों और 28 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर महिला पुलिस थानों के उद्घाटन को लेकर की जा रही तैयारियों की बुधवार को समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग से पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक और जिला पुलिस अधीक्षकों से इस दिशा में की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए। 

सुखबीर कर चुके हैं पदोन्नति की घोषणा
पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल बीते दिनों दीनानगर दौरे के बाद डीजीपी सुमेध सिंह सैनी से मंत्रणा कर घोषणा कर चुके हैं कि आतंकियों के हमले को नाकाम करने वाले पुलिस के जवानों को एक रैंक की तरक्की दी जाएगी। 

सुखबीर के मुताबिक पुलिस के जवानों की मुस्तैदी और स्वैट टीम की योजनाबद्ध कार्रवाई ने बड़े हमले को असफल बनाया। इसके लिए उन्हें तरक्की देने के साथ ही सम्मानित भी किया जाएगा। उनके नाम राष्ट्रपति अवार्ड के लिए भी भेजे जाएंगे।

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