Tihar cuts 25% of inmates wages to help victims / इस जेल में कैदी करते हैं कमाई, बाहर पलता है परिवार

Swati
0
हमेशा कुछ नया करते रहने वाली देश की सबसे बड़ी तिहाड़ जेल ने फिर अपने एक प्रयास से एक नया मकाम हासिल किया है। तिहाड़ जेल ने एक नई पहल के तहत जेल में रह रहे कैदियों द्वारा सताए गए पीड़ितों के लिए हाथ बढ़ाया है।

तिहाड़ जेल प्रशासन ने इसके लिए पीड़ित कल्याण कोष की स्थापना की है ताकि पीड़ितों के परिवारों की सहायता हो सके। इस कोष में पैसे कैदियों की सैलरी से एक निश्चित रकम काटकर डाली जाती है। इस साल इस कोष से 10 लाख रुपए तक की सहायता पहुंचाई जाएगी।

इस कोष की स्थापना साल 2010 में की गई थी। इस कोष में पैसे कैदियों की 25 प्रतिशत मजदूरी काटकर जमा की जाती है।
तिहाड़ जेल संख्या 2 के सुपरिंटेंडेंट राजेश चौहान बताते हैं कि इस कोष के माध्यम से एक परिवार को 1 लाख तक ‌की राशि मुहैया कराई जाती है। पैसा पाने वालों में रेप सर्वाइवर, विधवाएं और अनाथ बच्चे भी हो सकते हैं।

राजेश चौहान का कहना है कि इस कोष की मदद से 9 बार लोगों की सहायता की जा चुकी है और ये दसवीं बार होगा। इस साल ये सहायता राशि 10,24,000 रु‌पए होगी। इस स्कीम के तहत सहायता पाने के लिए पीड़ित राजेश चौहान को आवेदन भेज सकते हैं।

राजेश बताते हैं कि वो पुलिस स्टेशन के एसएचओ से संपर्क कर पीड़ितों को निशानदेही करते हैं। एक बार जब उन्हें पहचान लिया जाता है तो मदद के लिए अधिकारी पीड़ित के घर जाते हैं। इस बार सहायता के लिए 18 परिवार चिन्हित किए गए हैं। इस योजना के मुताबिक पीड़ित तब तक हर साल मदद पा सकता है जब तक दोषी जेल में सजा काटेगा।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)