दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने दिल्ली पुलिस से महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के आंकड़े, शिकायतों पर किस प्रकार से कार्रवाई, पीड़ित को सुरक्षा समेत मीनाक्षी मामले की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
खास बात यह है कि डीसीडब्ल्यू ने पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की संख्या से लेकर किस एरिया में सबसे अधिक अपराध होते हैं, की भी जानकारी देने को कहा है।
आयोग ने उम्मीद जताई है कि पुलिस उनके साथ मिलकर काम करेगी, ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें।
दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने शनिवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी को दो पत्र भेजे हैं। स्वाति ने लिखा है कि दिनोंदिन राजधानी में महिलाओं के प्रति अपराधों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
मीनाक्षी की दिनदहाड़े सरेआम हत्या दर्शाती है कि राजधानी में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और महिलाएं परेशान। हादसे कानून व व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है।
ऐसे में दिल्ली महिला आयोग की मुखिया होने के नाते जिम्मेदारी बनती है कि महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक, दिल्ली में प्रतिदिन पांच दुष्कर्म तो 12 छेड़छाड़ के मामले आते हैं।
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स्वाति ने पहला पत्र आनंद पर्वत में दिनदहाड़े चाकू से हमले में मारी गई मीनाक्षी के संबंध में लिखा है।
स्वाति ने पत्र के माध्यम से पूछा है कि वर्ष 2013-14 से अब तक आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन में कितनी शिकायतें आई हैं।
उन शिकायतों की जानकारी शिकायत पत्र की कॉपी के साथ उपलब्ध करवाई जाएं। वहीं, राजधानी के विभिन्न पुलिस स्टेशन में वर्ष 2012 से लेकर अब तक कितनी शिकायतें पहुंचीं।
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आयोग ने कमिश्नर से यह भी पूछा है कि वर्ष 2014 से अब तक किन पुलिस स्टेशन में सबसे अधिक महिलाओं के प्रति अपराधों की शिकायतें आई हैं।
दिल्ली पुलिस से आंकड़ों सहित जानकारियां मिलने के बाद दिल्ली महिला आयोग महिला सुरक्षा पर राजधानी में सर्वे भी करेगा। उस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बदलावों के लिए केंद्र व राज्य सरकार के अलावा� पुलिस के पास भी सिफारिश भी भेजेगा।
खास बात यह है कि डीसीडब्ल्यू ने पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की संख्या से लेकर किस एरिया में सबसे अधिक अपराध होते हैं, की भी जानकारी देने को कहा है।
आयोग ने उम्मीद जताई है कि पुलिस उनके साथ मिलकर काम करेगी, ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें।
दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने शनिवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी को दो पत्र भेजे हैं। स्वाति ने लिखा है कि दिनोंदिन राजधानी में महिलाओं के प्रति अपराधों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
मीनाक्षी की दिनदहाड़े सरेआम हत्या दर्शाती है कि राजधानी में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और महिलाएं परेशान। हादसे कानून व व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है।
ऐसे में दिल्ली महिला आयोग की मुखिया होने के नाते जिम्मेदारी बनती है कि महिलाओं की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक, दिल्ली में प्रतिदिन पांच दुष्कर्म तो 12 छेड़छाड़ के मामले आते हैं।
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स्वाति ने पहला पत्र आनंद पर्वत में दिनदहाड़े चाकू से हमले में मारी गई मीनाक्षी के संबंध में लिखा है।
स्वाति ने पत्र के माध्यम से पूछा है कि वर्ष 2013-14 से अब तक आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन में कितनी शिकायतें आई हैं।
उन शिकायतों की जानकारी शिकायत पत्र की कॉपी के साथ उपलब्ध करवाई जाएं। वहीं, राजधानी के विभिन्न पुलिस स्टेशन में वर्ष 2012 से लेकर अब तक कितनी शिकायतें पहुंचीं।
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आयोग ने कमिश्नर से यह भी पूछा है कि वर्ष 2014 से अब तक किन पुलिस स्टेशन में सबसे अधिक महिलाओं के प्रति अपराधों की शिकायतें आई हैं।
दिल्ली पुलिस से आंकड़ों सहित जानकारियां मिलने के बाद दिल्ली महिला आयोग महिला सुरक्षा पर राजधानी में सर्वे भी करेगा। उस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बदलावों के लिए केंद्र व राज्य सरकार के अलावा� पुलिस के पास भी सिफारिश भी भेजेगा।
