बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आने वाले 19 अगस्त को एक बार फिर मुलाकात करने वाले हैं। नीतीश कुमार दिल्ली सरकार की तरफ से आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
खास बात यह कि पिछले करीब तीन महीने में दोनों नेताओं के बीच पांचवी मुलाकात होगी। बिहार चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच लगातार हो रही मुलाकातों के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
दरअसल, आम आदमी पार्टी (आप) ने बिहार चुनाव से दूर रहने का फैसला किया है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जन्म दिन पर 16 अगस्त को बिहार में भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के तौर पर मनाने जा रही है।
इस मौके पर बिहार के दस जिलों में कार्यक्रम होंगे। जिसमें पूर्वांचली पृष्ठभूमि के विधायक भी मौजूद रहेंगे। पार्टी का दावा है कि इसके जरिये आम लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।
दूसरी तरफ पार्टी का मौजूदा रूख है कि बिहार चुनाव में किसी पार्टी विशेष के पक्ष में वोट देने की अपील करने से बचा जाये। इसकी जगह साफ-सुथरी व विकास को बढ़ावा देने वाले मुख्यमंत्री के नाम पर वोट करने को कहा जाये।
पार्टी मान रही है कि उसकी इस अपील का असर संभव है। इसकी वजह यह है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में पूर्वांचल पृष्ठभूमि के वोटर रहते हैं। साथ ही दस विधायक भी उसी तबके से आते हैं। इससे बिहार के वोटिंग को प्रभावित किया सकता है।
दूसरी तरफ इस बीच की चार मुलाकात में नीतीश कुमार व अरविंद केजरीवाल के आपसी रिश्ते बेहतर हुए हैं। आप बेशक सीधे तौर पर जद (यू) को वोट देने की अपील न करे। लेकिन साफ-सुथरी छवि के मुख्यमंत्री को वोट करने की बात नीतीश कुमार के हक में जा सकती है।
