एफएसएसएआई द्वारा मंजूर सेंट्रल फूड टेकभनोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएफटीआरआई) ने मैगी नूडल्स को देश के खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाया है।
मैगी नूडल्स बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया के लिए यह बड़ी राहत वाली खबर है। जून में उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में मैगी नूडल्स की जांच में सीमा से अधिक सीसे का स्तर पाया गया था।
इसी महीने के दौरान गोवा फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने सीएफटीआरआई को पांच नमूने जांच के लिए भेजे थे।
राज्यों के एफडीए की शुरुआती रिपोर्ट पर एफएसएसएआई ने शंका जताई थी। इसके बाद गोवा एफडीए ने मैगी नूडल्स के नमूने मैसूर स्थित सीएफटीआरआई पुन: जांच के लिए भेजे थे, जिसमें सीसा सीमा के भीतर ही पाया गया है।
इस साल जून में कुछ राज्यों द्वारा मैगी नूडल्स पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद, नेस्ले इंडिया ने दूकानों और स्टोर से मैगी वापस ले ली थी। एफएसएसएआई ने भी मैगी नूडल्स को ‘असुरक्षित और हानिकारक’ बताते हुए इसे प्रतिबंधित कर दिया था।
एफएसएसएआई ने यह भी कहा था कि नेस्ले इंडिया ने स्वाद बढ़ाने वाले ‘एमएसजी’ के मामले में भी लैबेलिंग नियमों का उल्लंघन किया और कंपनी को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था।
मैगी नूडल्स बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया के लिए यह बड़ी राहत वाली खबर है। जून में उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में मैगी नूडल्स की जांच में सीमा से अधिक सीसे का स्तर पाया गया था।
इसी महीने के दौरान गोवा फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने सीएफटीआरआई को पांच नमूने जांच के लिए भेजे थे।
गोवा एफडीए के निदेशक सलीम एक वेलजी ने कहा, ‘सीएफटीआरआई की जांच में पाया गया है कि भेजे गए नमूने खाद्य सुरक्षा और मानक नियम, 2011 के मानकों को पूरी करते हैं।’
राज्यों के एफडीए की शुरुआती रिपोर्ट पर एफएसएसएआई ने शंका जताई थी। इसके बाद गोवा एफडीए ने मैगी नूडल्स के नमूने मैसूर स्थित सीएफटीआरआई पुन: जांच के लिए भेजे थे, जिसमें सीसा सीमा के भीतर ही पाया गया है।
इस साल जून में कुछ राज्यों द्वारा मैगी नूडल्स पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद, नेस्ले इंडिया ने दूकानों और स्टोर से मैगी वापस ले ली थी। एफएसएसएआई ने भी मैगी नूडल्स को ‘असुरक्षित और हानिकारक’ बताते हुए इसे प्रतिबंधित कर दिया था।
एफएसएसएआई ने यह भी कहा था कि नेस्ले इंडिया ने स्वाद बढ़ाने वाले ‘एमएसजी’ के मामले में भी लैबेलिंग नियमों का उल्लंघन किया और कंपनी को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था।
