नोएडा के फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने खतरनाक बन चुके ट्राइजेमिनल रोग (आत्महत्या को प्रेरित करने वाला) के निदान की राह निकाल ली है। सर्जरी के माध्यम से चिकित्सकों ने इस रोग के पीड़ितों का सफल इलाज किया।
फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सीनियर कंसलटेंट डॉ. मनीष वैश केनेतृत्व में ट्राइजेमिनल रोगियों की सर्जरी कर उनको राहत प्रदान की।
डॉ. मनीष वैश ने रोग से जुड़े कारण और निदान के उपायों की जानकारी देते हुए बताया कि अन्य तरीकों से मरीज को कुछ समय के लिए अस्थायी राहत ही दी जा सकती है लेकिन सर्जरी से रोग का स्थायी इलाज संभव है।
अस्पताल के जोनल डायरेक्टर गगन सहगल ने सफल सर्जरी करने के लिए चिकित्सकों को बधाई दी। ट्राइजेमिनल रोग एक न्यूरोपैथिक समस्या है। इसमें आमतौर पर ट्राइजेमिनल नर्व के निचले हिस्से पर असर होता है।
इससेे शुरू हुआ दर्द चेहरे तक पहुंचता है और असहनीय हो जाता है। नाक, कान, आंख, गाल, दांत और जबड़ों में दर्द का अहसास होता है।
इस कारण मरीज बाल तक नोंचने लगता है। पेन किलर भी काम नहीं आतीं। लोग इस दर्द को सह नहीं पाते हैं और आत्महत्या तक कर लेते हैं।
फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने सीनियर कंसलटेंट डॉ. मनीष वैश केनेतृत्व में ट्राइजेमिनल रोगियों की सर्जरी कर उनको राहत प्रदान की।
डॉ. मनीष वैश ने रोग से जुड़े कारण और निदान के उपायों की जानकारी देते हुए बताया कि अन्य तरीकों से मरीज को कुछ समय के लिए अस्थायी राहत ही दी जा सकती है लेकिन सर्जरी से रोग का स्थायी इलाज संभव है।
अस्पताल के जोनल डायरेक्टर गगन सहगल ने सफल सर्जरी करने के लिए चिकित्सकों को बधाई दी। ट्राइजेमिनल रोग एक न्यूरोपैथिक समस्या है। इसमें आमतौर पर ट्राइजेमिनल नर्व के निचले हिस्से पर असर होता है।
इससेे शुरू हुआ दर्द चेहरे तक पहुंचता है और असहनीय हो जाता है। नाक, कान, आंख, गाल, दांत और जबड़ों में दर्द का अहसास होता है।
इस कारण मरीज बाल तक नोंचने लगता है। पेन किलर भी काम नहीं आतीं। लोग इस दर्द को सह नहीं पाते हैं और आत्महत्या तक कर लेते हैं।
