अपने पालतू कुत्ते को बचाने की कोशिश में एक लड़का दर्दनाक मौत का शिकार बन गया। मंगलवार की सुबह साउथवेस्ट दिल्ली में पालम के पास 19 वर्षीय अंकित ट्रेन की चपेट में आ गया।
अंकित अपने पालतू कुत्ते को ट्रेन से बचाना चाहता था। घटना तकरीबन सुबह साढ़े छह बजे की है, अंकित कॉल सेंटर की अपनी रात की शिफ्ट के बाद लौट ही था। इसके बाद वह अपने काले लैबराडॉर को लेकर रेलवे ट्रैक के पास टहलने निकला था।
टहलने के दौरान ही अचानक कुत्ता एक गिलहरी से विचलित हुआ और उसका पीछा करने रेलवे ट्रैक पर दौड़ा। उसकी तरफ ट्रेन को आते देख अंकित ने कुत्ते के पट्टे से उसे ट्रेन से दूर खींचने की कोशिश की।
जब अंकित कुत्ते को नहीं खींच सका तो वह उसे उठाने के लिए खुद भी ट्रैक पर चला गया। लेकिन कुत्ते का वजन इतना ज्यादा था कि वह उसे नहीं उठा सका और ट्रेन भी तबतक उनके बहुत नजदीक पहुंच चुकी थी।
यहां तक कि जब उनसे ट्रेन टकराई तब भी अंकित कुत्ते को ट्रैक से हटाने की कोशिश में ही लगा था। हादसे से अंकित के सिर पर दर्दनाक चोट और शरीर पर कई फ्रैक्चर आए। उसे पास के ही एक अस्तपताल भी भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अंकित के पिता रणसिंह ने कहा, "हमारा लड़का चला गया है। अब इस घटना की रिपोर्ट बनाने का क्या फायदा? लोगों को ट्रैक पार करने से रोकने के लिए रेलवे ने कोई ओवरब्रिज या बाउंड्री नहीं बनाई है। हम अपने बेटे और पालतू कुत्ते को खो चुके हैं। इस नुकसान की कोई भरपाई नहीं हो सकती।"
रणसिंह एक निजी कंपनी में काम करते हैं। अंकित से छोटे एक भाई और एक बहन भी है। अंकित के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां ऐसा हादसा अब आए दिन होने लगा है।
एक स्थानीय निवासी के मुताबिक रेलवे ट्रैक के इस 500 मीटर हिस्से पर पिछले एक महीने से पांच या छह एक्सीडेंट हो चुके हैं। कुछ दिन पहले एक लड़का कान में ईयरफोन लगाकर टहल रहा था। वह भी इसी तरह ट्रेन की चपेट में आया था।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक उन्हें तकरीबन 6 बजकर 35 मिनट पर सूचना मिला कि एक युवक और कुत्ता ट्रेन की चपेट में आ गए। लड़के का चेहरा कुचल चुका था, जबकि कुत्ते को ट्रेन ने बुरी तरह रौंद दिया। ये एक दुर्घटना है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अंकित अपने पालतू कुत्ते को ट्रेन से बचाना चाहता था। घटना तकरीबन सुबह साढ़े छह बजे की है, अंकित कॉल सेंटर की अपनी रात की शिफ्ट के बाद लौट ही था। इसके बाद वह अपने काले लैबराडॉर को लेकर रेलवे ट्रैक के पास टहलने निकला था।
टहलने के दौरान ही अचानक कुत्ता एक गिलहरी से विचलित हुआ और उसका पीछा करने रेलवे ट्रैक पर दौड़ा। उसकी तरफ ट्रेन को आते देख अंकित ने कुत्ते के पट्टे से उसे ट्रेन से दूर खींचने की कोशिश की।
जब अंकित कुत्ते को नहीं खींच सका तो वह उसे उठाने के लिए खुद भी ट्रैक पर चला गया। लेकिन कुत्ते का वजन इतना ज्यादा था कि वह उसे नहीं उठा सका और ट्रेन भी तबतक उनके बहुत नजदीक पहुंच चुकी थी।
यहां तक कि जब उनसे ट्रेन टकराई तब भी अंकित कुत्ते को ट्रैक से हटाने की कोशिश में ही लगा था। हादसे से अंकित के सिर पर दर्दनाक चोट और शरीर पर कई फ्रैक्चर आए। उसे पास के ही एक अस्तपताल भी भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अंकित के पिता रणसिंह ने कहा, "हमारा लड़का चला गया है। अब इस घटना की रिपोर्ट बनाने का क्या फायदा? लोगों को ट्रैक पार करने से रोकने के लिए रेलवे ने कोई ओवरब्रिज या बाउंड्री नहीं बनाई है। हम अपने बेटे और पालतू कुत्ते को खो चुके हैं। इस नुकसान की कोई भरपाई नहीं हो सकती।"
रणसिंह एक निजी कंपनी में काम करते हैं। अंकित से छोटे एक भाई और एक बहन भी है। अंकित के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां ऐसा हादसा अब आए दिन होने लगा है।
एक स्थानीय निवासी के मुताबिक रेलवे ट्रैक के इस 500 मीटर हिस्से पर पिछले एक महीने से पांच या छह एक्सीडेंट हो चुके हैं। कुछ दिन पहले एक लड़का कान में ईयरफोन लगाकर टहल रहा था। वह भी इसी तरह ट्रेन की चपेट में आया था।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक उन्हें तकरीबन 6 बजकर 35 मिनट पर सूचना मिला कि एक युवक और कुत्ता ट्रेन की चपेट में आ गए। लड़के का चेहरा कुचल चुका था, जबकि कुत्ते को ट्रेन ने बुरी तरह रौंद दिया। ये एक दुर्घटना है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
