दिल्ली पुलिस की दोस्ताना मुहिम ने 10वीं कक्षा की एक छात्रा की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली। स्कूल में लगे दिल्ली पुलिस के शिकायत बॉक्स में छात्रा ने खत डाला।
इसमें छात्रा ने अपना ऐसा दर्द बयां किया कि पुलिस के भी होश उड़ गए। 15 साल की इस छात्रा का पिता न सिर्फ बेटी के साथ अश्लील हरकत कर रहा था, बल्कि वह अक्सर उसके सामने निवस्त्र होकर आ जाता था।
कई बार दुष्कर्म का भी प्रयास किया। छात्रा ने इसकी शिकायत मां से भी की, लेकिन उसे वहां से भी मदद नहीं मिली।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त वीनू बंसल ने बताया कि छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पूरे जिले में दोस्ताना मुहिम चलाई जा रही है।
इसके तहत लड़कियों के स्कूलों में शिकायत बॉक्स लगाए गए हैं। समय-समय पर महिला पुलिस अधिकारी इन बॉक्स में आई शिकायतों को देखती हैं।
खत मिलते ही फौरन जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने छात्रा से पूछताछ की। छात्रा ने बताया कि वह सीमापुरी के एक स्कूल में दसवीं में पढ़ती है। उसका पिता पिछले दो-ढाई साल से उसका यौन शोषण कर रहा है।
मां ने भी उसकी मदद न करने की बात कहकर चुपचाप रहने की बात कही। लेकिन पुलिस की दोस्ताना मुहिम से उसे हिम्मत मिली और उसने खत में सारी बातें लिख दी।
इसमें छात्रा ने अपना ऐसा दर्द बयां किया कि पुलिस के भी होश उड़ गए। 15 साल की इस छात्रा का पिता न सिर्फ बेटी के साथ अश्लील हरकत कर रहा था, बल्कि वह अक्सर उसके सामने निवस्त्र होकर आ जाता था।
कई बार दुष्कर्म का भी प्रयास किया। छात्रा ने इसकी शिकायत मां से भी की, लेकिन उसे वहां से भी मदद नहीं मिली।
खत के आधार पर सीमापुरी थाना पुलिस ने बुधवार को आरोपी पिता को छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास और पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर लिया है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त वीनू बंसल ने बताया कि छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पूरे जिले में दोस्ताना मुहिम चलाई जा रही है।
इसके तहत लड़कियों के स्कूलों में शिकायत बॉक्स लगाए गए हैं। समय-समय पर महिला पुलिस अधिकारी इन बॉक्स में आई शिकायतों को देखती हैं।
इस मुहिम के तहत छात्राएं चाहे तो अपना नाम व पता भी गुप्त रख सकती हैं। इस मुहिम का फायदा भोपरा की रहने वाली छात्रा को मिला। उसने शिकायत बॉक्स में अपनी कहानी बयां की थी।
खत मिलते ही फौरन जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने छात्रा से पूछताछ की। छात्रा ने बताया कि वह सीमापुरी के एक स्कूल में दसवीं में पढ़ती है। उसका पिता पिछले दो-ढाई साल से उसका यौन शोषण कर रहा है।
मां ने भी उसकी मदद न करने की बात कहकर चुपचाप रहने की बात कही। लेकिन पुलिस की दोस्ताना मुहिम से उसे हिम्मत मिली और उसने खत में सारी बातें लिख दी।
