तिहाड़ जेल के अतिसुरक्षित सेल में रह रहे एक विचाराधीन कैदी की मौत हो गई। आरोप है कि उसके सेल में ही बंद अन्य चार साथियों ने उसकी रॉड और लोहे के ग्रिल से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
यह घटना मंगलवार देर रात हुई। बताया जा रहा है कि मारे गए कैदी का नाम दीपक था। गौरतलब है कि वारदात तिहाड़ में जेल नंबर 8/9 में हुई।
जिन चार कैदियों पर हत्या का आरोप लगा है, उनके नाम हैं- सतपाल, मनप्रीत सिंह, रियाज और सरोज। बता दें कि, दीपक मर्डर और डकैती के मामले में जेल में बंद था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक दीपक चारों आरोपियों के साथ लंबे समय से रह रहा था। इसके साथ ही जब से वो जेल में है उसने अपने किसी साथी के खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं की थी।
ऐसे में हत्या के कारणों का कोई पता नहीं चल सका है। घटना के बाद से ही पुलिस इस मामले की वजह तलाशने में जुट गई है।
हो चुकी हैं ऐसी वारदातें
इससे पहले, 11 मई 2015 को एक ऐसा ही मामला सामने आया था। तीन कैदियों ने तिहाड़ जेल में हत्या के एक आरोपी को कथित तौर पर मार डाला था। अजय कुमार वॉर्ड नंबर 15 की ओर जा रहा था कि उसी वक्त तीन लोगों ने उसे घेर लिया और तेज धार वाली चीज से उस पर हमला किया। उसका काफी खून बह गया और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया था कि तीनों आरोपी सुमित, राकेश और रमाकांत उर्फ राजू मृतक को जानते थे। पुलिस ने कहा था कि झगड़े की वजह पैसों के लेनदेन से जुड़ा था।
यह घटना मंगलवार देर रात हुई। बताया जा रहा है कि मारे गए कैदी का नाम दीपक था। गौरतलब है कि वारदात तिहाड़ में जेल नंबर 8/9 में हुई।
जिन चार कैदियों पर हत्या का आरोप लगा है, उनके नाम हैं- सतपाल, मनप्रीत सिंह, रियाज और सरोज। बता दें कि, दीपक मर्डर और डकैती के मामले में जेल में बंद था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक दीपक चारों आरोपियों के साथ लंबे समय से रह रहा था। इसके साथ ही जब से वो जेल में है उसने अपने किसी साथी के खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं की थी।
ऐसे में हत्या के कारणों का कोई पता नहीं चल सका है। घटना के बाद से ही पुलिस इस मामले की वजह तलाशने में जुट गई है।
हो चुकी हैं ऐसी वारदातें
इससे पहले, 11 मई 2015 को एक ऐसा ही मामला सामने आया था। तीन कैदियों ने तिहाड़ जेल में हत्या के एक आरोपी को कथित तौर पर मार डाला था। अजय कुमार वॉर्ड नंबर 15 की ओर जा रहा था कि उसी वक्त तीन लोगों ने उसे घेर लिया और तेज धार वाली चीज से उस पर हमला किया। उसका काफी खून बह गया और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया था कि तीनों आरोपी सुमित, राकेश और रमाकांत उर्फ राजू मृतक को जानते थे। पुलिस ने कहा था कि झगड़े की वजह पैसों के लेनदेन से जुड़ा था।
