एक बहादुर व्यक्ति की चतुराई और शानदार प्लान के बदौलत एक लड़की जिंदगी बचाई जा सकी वरना वो भी उन हजारों लड़कियों में से एक होती जो मानव तस्करों के हाथ लगकर देह-व्यापार में अपनी जिंदगी काट देती हैं।
इस व्यक्ति ने न सिर्फ एक नाबालिग लड़की को मानव तस्करों के हाथ से छुड़ाया बल्कि उस तस्कर को भी गिरफ्तार करवा दिया जिसने उसे बंगाल से तस्करी कर उसकी शादी भी करवा दी।
यह मामला करीब एक से डेढ़ महीने पहले का है जब लड़की अपनी सहेली के साथ अपने ही गांव में गहने बनवाने गई थी। तब उन दोनों को गांव के ही दो लड़के मिले।
लड़की और उसकी दोस्त जब उन दोनों लड़कों से मिली तो उन्होंने लड़कियों को कोल्ड ड्रिंक में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर दिया और उन दोनों को दिल्ली ले आए। यहां उन्होंने लड़कियों को एक एजेंट को सौंप दिया।
उस एजेंट ने पहले तो लड़कियों को एक दिन के लिए आनंद विहार में रखा और बाद में तीन दिन के लिए नांगलोई में रखा गया। उनमें से एक की शादी उस समय रेवाड़ी के एक आदमी से कर दी गई और बाद में दोनों को अलग-अलग बेच दिया गया।
इसके बाद भी वो लड़की जिसकी शादी कर दी गई थी उसने हौसला नहीं खोया हिम्मत करते हुए अपने दूर के चाचा को बंगाल में फोन कर अपनी आपबीती सुनाई।
लड़की का पूरा हाल जानने के बाद उसके चाचा ने दिल्ली में रह रहे अपने एक दोस्त को फोन किया जिसके बाद उस दोस्त ने ही इस लड़की को तस्करों के पंजे से छुड़ाया। लड़की के चाचा से बात करने के बाद उसके दोस्त ने लड़की के पति का नंबर लिया और लड़की को दिल्ली आने को कहा।
चाचा के दोस्त के फोन के बाद लड़की ने किसी तरह करके भागने में कामयाबी पाई और ट्रेन पकड़कर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंची। और इस तरह वो चाचा के दोस्त के पास पहुंच गई।
अब चूंकि लड़की छूट चुकी थी इसलिए जरूरी ये हो गया था कि उस एजेंट को भी पकड़ा जाए जिसने लड़की को बेचा। इसलिए चाचा के दोस्त ने दोबारा लड़की के पति को फोन किया और उससे पूछा कि उसे उसकी दुल्हन कहां से मिली और उसे खुद के लिए भी पत्नी चाहिए। इसके बाद उसके पति ने दोस्त को एजेंट का नंबर दे दिया।
इसके बाद एजेंट को अपने काबू में करने के लिए उसने आखिरी चाल चली। लड़की के चाचा के दोस्त ने फिर एजेंट को फोन किया और उसका बोला कि उसे दुल्हन चाहिए। उसने एजेंट से ये भी कहा कि उसे जितना भी पैसा चाहिए वह देने को तैयार है।
चाचा के दोस्त ने बताया कि उस एजेंट ने उससे कहा कि अगर वो उसके साथ एक दिन गुजारना चाहता है तो 2500 रुपए लगेंगे और अगर शादी करना चाहे तो 1 लाख रुपए देने होंगे।
उसकी बात पर चाचा का दोस्त तैयार हो गया क्योंकि वो उसे गिरफ्तार करवाना चाहता था। इसके बाद दोनों ने मिलने का तय किया और एजेंट एक लड़की को लेकर चाणक्यपुरी पहुंचा।
चाचा का दोस्त जो एनजीओ चिंतन के सदस्यों के साथ एजेंट का इंतजार कर रहा था ने उसके आते ही उसे धर दबोचा और लड़की को छुड़ा लिया।
लड़की जिसकी शादी रेवाड़ी के एक आदमी से करा दी गई थी ने बताया कि उसे 80000 रुपए में बेचा गया था और उसे रोजाना मारा पीटा जाता था। एजेंट का नाम रामभवन है जो 36 साल का है।
उसकी बीवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पीसीआर को फोन करने के बाद एजेंट को चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
तस्करी के बड़े गिरोह का शक होने पर दिल्ली पुलिस ने बंगाल पुलिस को भी इस घटना की जानकारी दे दी है। इसके साथ ही पुलिस उस लड़की की दोस्त की तलाश में भी है जो उसी के साथ दिल्ली लाई गई थी और बाद में बेच दी गई।
इस व्यक्ति ने न सिर्फ एक नाबालिग लड़की को मानव तस्करों के हाथ से छुड़ाया बल्कि उस तस्कर को भी गिरफ्तार करवा दिया जिसने उसे बंगाल से तस्करी कर उसकी शादी भी करवा दी।
यह मामला करीब एक से डेढ़ महीने पहले का है जब लड़की अपनी सहेली के साथ अपने ही गांव में गहने बनवाने गई थी। तब उन दोनों को गांव के ही दो लड़के मिले।
लड़की और उसकी दोस्त जब उन दोनों लड़कों से मिली तो उन्होंने लड़कियों को कोल्ड ड्रिंक में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर दिया और उन दोनों को दिल्ली ले आए। यहां उन्होंने लड़कियों को एक एजेंट को सौंप दिया।
उस एजेंट ने पहले तो लड़कियों को एक दिन के लिए आनंद विहार में रखा और बाद में तीन दिन के लिए नांगलोई में रखा गया। उनमें से एक की शादी उस समय रेवाड़ी के एक आदमी से कर दी गई और बाद में दोनों को अलग-अलग बेच दिया गया।
इसके बाद भी वो लड़की जिसकी शादी कर दी गई थी उसने हौसला नहीं खोया हिम्मत करते हुए अपने दूर के चाचा को बंगाल में फोन कर अपनी आपबीती सुनाई।
लड़की का पूरा हाल जानने के बाद उसके चाचा ने दिल्ली में रह रहे अपने एक दोस्त को फोन किया जिसके बाद उस दोस्त ने ही इस लड़की को तस्करों के पंजे से छुड़ाया। लड़की के चाचा से बात करने के बाद उसके दोस्त ने लड़की के पति का नंबर लिया और लड़की को दिल्ली आने को कहा।
चाचा के दोस्त के फोन के बाद लड़की ने किसी तरह करके भागने में कामयाबी पाई और ट्रेन पकड़कर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंची। और इस तरह वो चाचा के दोस्त के पास पहुंच गई।
अब चूंकि लड़की छूट चुकी थी इसलिए जरूरी ये हो गया था कि उस एजेंट को भी पकड़ा जाए जिसने लड़की को बेचा। इसलिए चाचा के दोस्त ने दोबारा लड़की के पति को फोन किया और उससे पूछा कि उसे उसकी दुल्हन कहां से मिली और उसे खुद के लिए भी पत्नी चाहिए। इसके बाद उसके पति ने दोस्त को एजेंट का नंबर दे दिया।
इसके बाद एजेंट को अपने काबू में करने के लिए उसने आखिरी चाल चली। लड़की के चाचा के दोस्त ने फिर एजेंट को फोन किया और उसका बोला कि उसे दुल्हन चाहिए। उसने एजेंट से ये भी कहा कि उसे जितना भी पैसा चाहिए वह देने को तैयार है।
चाचा के दोस्त ने बताया कि उस एजेंट ने उससे कहा कि अगर वो उसके साथ एक दिन गुजारना चाहता है तो 2500 रुपए लगेंगे और अगर शादी करना चाहे तो 1 लाख रुपए देने होंगे।
उसकी बात पर चाचा का दोस्त तैयार हो गया क्योंकि वो उसे गिरफ्तार करवाना चाहता था। इसके बाद दोनों ने मिलने का तय किया और एजेंट एक लड़की को लेकर चाणक्यपुरी पहुंचा।
चाचा का दोस्त जो एनजीओ चिंतन के सदस्यों के साथ एजेंट का इंतजार कर रहा था ने उसके आते ही उसे धर दबोचा और लड़की को छुड़ा लिया।
लड़की जिसकी शादी रेवाड़ी के एक आदमी से करा दी गई थी ने बताया कि उसे 80000 रुपए में बेचा गया था और उसे रोजाना मारा पीटा जाता था। एजेंट का नाम रामभवन है जो 36 साल का है।
उसकी बीवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पीसीआर को फोन करने के बाद एजेंट को चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
तस्करी के बड़े गिरोह का शक होने पर दिल्ली पुलिस ने बंगाल पुलिस को भी इस घटना की जानकारी दे दी है। इसके साथ ही पुलिस उस लड़की की दोस्त की तलाश में भी है जो उसी के साथ दिल्ली लाई गई थी और बाद में बेच दी गई।
