क्या एक चुनी हुई सरकार का अहंकार उसके नागरिकों की भलाई से बड़ा हो सकता है? अगर केजरीवाल सरकार को केंद्र सरकार और इसकी एजेंसी NAFED द्वारा लिखे पत्रों पर विश्वास किया जाए तो दिल्ली सरकार का इस मामले पर रुख समझा जा सकता है।
दरअसल दिल्ली में प्याज 60 रुपए प्रति किलो से उपर पहुंच चुका है। लेकिन यह प्याज की बढ़ती कीमतों का महज एक पहलु ही है। दूसरा पहलु शायद ही आपको पता हो।
सूत्रों के मुताबिक पिछले 3 महीने से केंद्र सरकार की एजेंसी NAFED और केंद्रीय कृषि मंत्रालय लगातार दिल्ली सरकार को प्याज और आलू की बढ़ती कीमतों के लिए आगाह कर चुका था।
एजेंसी ने पत्र लिखकर दिल्ली सरकार को सुझाव दिया था कि सरकार 19 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज खरीदकर भविष्य के लिए पर्याप्त स्टॉक रखे।
लेकिन एजेंसी के डायरेक्टर अशोक ठाकुर के मुताबिक दिल्ली सरकार ने प्याज खरीदना तो दूर पत्र का जवाब भी नहीं दिया। दिल्ली सरकार ने एजेंसी के ऑफर पर कोई ध्यान नहीं दिया।
जिसके चलते अब लोग बाजार से 60 रुपए प्रति किलो की दर से ही प्याज खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि दिल्ली सरकार ने एजेंसी के इन आरोपों का जवाब जरूर दिया है।
केजरीवाल सरकार अपना बचाव करते हुए कहती है कि ये आश्चर्यजनक है कि एजेंसी ने 24 जुलाई 2015 को लिखे अपने पत्र में कहा था कि नासिक से खरीदे जा रहे प्याज के लिए दिल्ली सरकार को अग्रिम कीमत चुकानी होगी।
लेकिन अब NAFED राजनैतिक कारणों के चलते जनता को गुमराह कर रही है। जबकि दिल्ली सरकार 24 जुलाई को लिखे पत्र का जवाब दे चुकी है।
वहीं अशोक ठाकुर ने एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में बताया कि एजेंसी ने अप्रैल में दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर प्याज 19 रुपए प्रति किलो से 25 रुपए प्रति किलो की दर के बीच खरीदने को कहा था।
लेकिन केजरीवाल सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया। दिल्ली बीजेपी नेता कुलजीत चहल के मुताबिक इस खुलासे से पता चलता है कि केजरीवाल सरकार कितनी घमंडी है।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार सोमवार से 40 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज बेचने जा रही है।
दरअसल दिल्ली में प्याज 60 रुपए प्रति किलो से उपर पहुंच चुका है। लेकिन यह प्याज की बढ़ती कीमतों का महज एक पहलु ही है। दूसरा पहलु शायद ही आपको पता हो।
सूत्रों के मुताबिक पिछले 3 महीने से केंद्र सरकार की एजेंसी NAFED और केंद्रीय कृषि मंत्रालय लगातार दिल्ली सरकार को प्याज और आलू की बढ़ती कीमतों के लिए आगाह कर चुका था।
एजेंसी ने पत्र लिखकर दिल्ली सरकार को सुझाव दिया था कि सरकार 19 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज खरीदकर भविष्य के लिए पर्याप्त स्टॉक रखे।
लेकिन एजेंसी के डायरेक्टर अशोक ठाकुर के मुताबिक दिल्ली सरकार ने प्याज खरीदना तो दूर पत्र का जवाब भी नहीं दिया। दिल्ली सरकार ने एजेंसी के ऑफर पर कोई ध्यान नहीं दिया।
जिसके चलते अब लोग बाजार से 60 रुपए प्रति किलो की दर से ही प्याज खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि दिल्ली सरकार ने एजेंसी के इन आरोपों का जवाब जरूर दिया है।
केजरीवाल सरकार अपना बचाव करते हुए कहती है कि ये आश्चर्यजनक है कि एजेंसी ने 24 जुलाई 2015 को लिखे अपने पत्र में कहा था कि नासिक से खरीदे जा रहे प्याज के लिए दिल्ली सरकार को अग्रिम कीमत चुकानी होगी।
लेकिन अब NAFED राजनैतिक कारणों के चलते जनता को गुमराह कर रही है। जबकि दिल्ली सरकार 24 जुलाई को लिखे पत्र का जवाब दे चुकी है।
वहीं अशोक ठाकुर ने एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में बताया कि एजेंसी ने अप्रैल में दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर प्याज 19 रुपए प्रति किलो से 25 रुपए प्रति किलो की दर के बीच खरीदने को कहा था।
लेकिन केजरीवाल सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया। दिल्ली बीजेपी नेता कुलजीत चहल के मुताबिक इस खुलासे से पता चलता है कि केजरीवाल सरकार कितनी घमंडी है।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार सोमवार से 40 रुपए प्रति किलो की दर से प्याज बेचने जा रही है।
