8 साल पहले दक्षिणी दिल्ली के ग्रीन पार्क इलाके में बने उपहार सिनेमा हॉल में हुए भीषण अग्निकांड पर आज सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए अंसल बंधुओं के जेल से बाहर रहने का रास्ता आसान कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एआर दवे, कुरियन जोसेफ और अमिताव राय की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले में अपील पर सुनवाई करते हुए सुशील और गोपाल अंसल को 30-30 करोड़ के जुर्माने की शर्त पर जेल जाने की सजा से मुक्त कर दिया। �
बता दें कि इस मामले में 2008 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अंसल बंधुओं को एक-एक साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट में अपील के बाद मार्च 2014 में टीएस ठाकुर और ज्ञान सुधा मिश्र की दो सदस्यीय पीठ ने दोनों भाइयों को दोषी पाया था, लेकिन सजा पर सहमति नहीं बनी थी।
इसके बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले की सुनवाई की और अंसल बंधुओं को दोषी मानते हुए उनकी सजा को जेल की बजाय आर्थिक दंड में तब्दील कर दिया।
बता दें कि 13 जून 1997 को दिल्ली के इस सिनेमाघर में बॉलीवुड फिल्म बॉर्डर के प्रदर्शन के दौरान भीषण आग लगी थी जिसमें 59 दर्शकों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एआर दवे, कुरियन जोसेफ और अमिताव राय की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले में अपील पर सुनवाई करते हुए सुशील और गोपाल अंसल को 30-30 करोड़ के जुर्माने की शर्त पर जेल जाने की सजा से मुक्त कर दिया। �
बता दें कि इस मामले में 2008 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अंसल बंधुओं को एक-एक साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट में अपील के बाद मार्च 2014 में टीएस ठाकुर और ज्ञान सुधा मिश्र की दो सदस्यीय पीठ ने दोनों भाइयों को दोषी पाया था, लेकिन सजा पर सहमति नहीं बनी थी।
इसके बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले की सुनवाई की और अंसल बंधुओं को दोषी मानते हुए उनकी सजा को जेल की बजाय आर्थिक दंड में तब्दील कर दिया।
बता दें कि 13 जून 1997 को दिल्ली के इस सिनेमाघर में बॉलीवुड फिल्म बॉर्डर के प्रदर्शन के दौरान भीषण आग लगी थी जिसमें 59 दर्शकों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
