30 साल से भी ज्यादा समय से जो दंपति अलग-अलग रह रहे थे उनके बीच अचानक कुछ ऐसा हुआ है कि जिससे सभी आश्चर्य में है। पति को ना जाने 30 सालों बाद क्या हो गया है कि उसने अपनी पत्नी के अकाउंट में पैसे डलवाने शुरू कर दिए हैं।
पति कुछ समय पहले ही आर्मी में मेजर पद से रिटायर हुआ है और वो अक्सर कहता रहता है कि मैं कभी नहीं हारा, और मैं न्यायालय में भी नहीं हारूंगा।
उनकी पत्नी जिसे उन्होंने 30 साल पहले छोड़ दिया था वो हक्की-बक्की रह गईं जब उनके 72 वर्षीय पूर्व पति ने उनके खाते में पैसे डालने शुरू किए। इसका कारण है कि कई सालों पहले पति ने उन्हें क्रूर बताकर उनसे तलाक ले लिया था।
इस दंपति के तलाक कारण बनी थी पति की वो दलील जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी वो काम नहीं करती जो वो सभी पत्नियां करती हैं जो अपने पति से प्यार करती हैं।
मेजर साहब का आरोप था कि उनकी पत्नी मांग में सिंदूर नहीं लगाती और माथे पर बिंदी भी नहीं लगाती। लेकिन हाल ही में पति ने कोर्ट में अपील की थी कि उनके तलाक को रद्द कर दिया जाए।
जज विपिन संघी ने दोनों पक्षों द्वारा अपील किए जाने के बाद उन्हें आपसी तौर पर सुलह करने का एक मौका दिया जाए। मेजर साहब कोर्ट की प्रोसिडिंग्स के लिए मुंबई से दिल्ली आए हैं वहीं उनकी पत्नी अपने बच्चों के साथ नोएडाम में रहती है।
कभी अपनी पत्नी को क्रूर कहकर तलाक लेने वाले पति का मन कैसे बदल गया ये तो नहीं पता पर अब वो अपने बीवी बच्चों के साथ रहना चाहता है। इसी कारण जिस बीवी से वो दशकों से अलग रह रहा था उसके खाते में उसने पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए।
यही नहीं वो कोर्ट की प्रोसिडिंग के लिए जब भी आता है अपने बच्चों के लिए कोई न कोई गिफ्ट जरूर लाता है। जैसे-जैसे कोर्ट की कार्यवाई आगे बढ़ती रही पति और नर्म और सहृदय होता गया।
पति ने जब मुंबई का अपना घर बेचा था तब भी उसने अपने बच्चों और पत्नी के लिए पैसे भेजे थे। शुरूआत में तो बच्चे अपने पिता को अपनाने को तैयार नहीं थे लेकिन अब हालात बदल गए गए हैं। उसके हृदय परिवर्तन का कारण ये भी माना जा रहा है कि वो उम्र के इस पड़ाव पर पहुंच गया है जहां उसे अपनों की जरूरत है।
पति कुछ समय पहले ही आर्मी में मेजर पद से रिटायर हुआ है और वो अक्सर कहता रहता है कि मैं कभी नहीं हारा, और मैं न्यायालय में भी नहीं हारूंगा।
उनकी पत्नी जिसे उन्होंने 30 साल पहले छोड़ दिया था वो हक्की-बक्की रह गईं जब उनके 72 वर्षीय पूर्व पति ने उनके खाते में पैसे डालने शुरू किए। इसका कारण है कि कई सालों पहले पति ने उन्हें क्रूर बताकर उनसे तलाक ले लिया था।
इस दंपति के तलाक कारण बनी थी पति की वो दलील जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी वो काम नहीं करती जो वो सभी पत्नियां करती हैं जो अपने पति से प्यार करती हैं।
मेजर साहब का आरोप था कि उनकी पत्नी मांग में सिंदूर नहीं लगाती और माथे पर बिंदी भी नहीं लगाती। लेकिन हाल ही में पति ने कोर्ट में अपील की थी कि उनके तलाक को रद्द कर दिया जाए।
जज विपिन संघी ने दोनों पक्षों द्वारा अपील किए जाने के बाद उन्हें आपसी तौर पर सुलह करने का एक मौका दिया जाए। मेजर साहब कोर्ट की प्रोसिडिंग्स के लिए मुंबई से दिल्ली आए हैं वहीं उनकी पत्नी अपने बच्चों के साथ नोएडाम में रहती है।
कभी अपनी पत्नी को क्रूर कहकर तलाक लेने वाले पति का मन कैसे बदल गया ये तो नहीं पता पर अब वो अपने बीवी बच्चों के साथ रहना चाहता है। इसी कारण जिस बीवी से वो दशकों से अलग रह रहा था उसके खाते में उसने पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए।
यही नहीं वो कोर्ट की प्रोसिडिंग के लिए जब भी आता है अपने बच्चों के लिए कोई न कोई गिफ्ट जरूर लाता है। जैसे-जैसे कोर्ट की कार्यवाई आगे बढ़ती रही पति और नर्म और सहृदय होता गया।
पति ने जब मुंबई का अपना घर बेचा था तब भी उसने अपने बच्चों और पत्नी के लिए पैसे भेजे थे। शुरूआत में तो बच्चे अपने पिता को अपनाने को तैयार नहीं थे लेकिन अब हालात बदल गए गए हैं। उसके हृदय परिवर्तन का कारण ये भी माना जा रहा है कि वो उम्र के इस पड़ाव पर पहुंच गया है जहां उसे अपनों की जरूरत है।
