रिटायर्ड कर्नल पुष्पेंद्र सिंह और रिटा. हवलदार मेजर सिंह आज से आमरण अनशन पर बैठने जा रहे हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो उनका यह अनशन उनकी मौत तक चलेगा।
इन दोनों पूर्व फौजियों ने कहा है कि ये हमारा फैसला है कि हम अपना आमरण अनशन जारी रखेंगे और हम अब इससे पीछे नहीं हटेंगे। इसके साथ ही दस पूर्व सेना प्रमुखों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वन रैंक वन पेंशन को लेकर खुली चिट्ठी भी लिखी है।
जब जंतर मंतर पर धरने पर बैठे सैनिकों से पूछा गया कि वो आमरण अनशन तो 24 तारीख से शुरू करने वाले थे तो उन्होंने कहा कि उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे दोनों सैनिकों को समझाया था कि सरकार को 24-25 तारीख तक का समय दे दें।
रिटायर्ड जनरल सतबीर सिंह ने आगे कहा कि, हमने काफी अपील करते हुए इन दोनों पूर्व फौजियों से कहा कि आमरण अनशन पर नहीं बैठे, मगर दोनों ने जिद्द पकड़ ली।
वहीं आमरण अनशन पर बैठे कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि, 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से हमें धोखा दिया है। OROP का वायदा करके अब विश्वासघात कर रहे हैं। हम 17 अगस्त से अनशन पर बैठ गए हैं। जब तक हमारी मांगों को नहीं माना जाएगा, हम अनशन पर रहेंगे।
इन दोनों पूर्व फौजियों ने कहा है कि ये हमारा फैसला है कि हम अपना आमरण अनशन जारी रखेंगे और हम अब इससे पीछे नहीं हटेंगे। इसके साथ ही दस पूर्व सेना प्रमुखों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वन रैंक वन पेंशन को लेकर खुली चिट्ठी भी लिखी है।
जब जंतर मंतर पर धरने पर बैठे सैनिकों से पूछा गया कि वो आमरण अनशन तो 24 तारीख से शुरू करने वाले थे तो उन्होंने कहा कि उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे दोनों सैनिकों को समझाया था कि सरकार को 24-25 तारीख तक का समय दे दें।
रिटायर्ड जनरल सतबीर सिंह ने आगे कहा कि, हमने काफी अपील करते हुए इन दोनों पूर्व फौजियों से कहा कि आमरण अनशन पर नहीं बैठे, मगर दोनों ने जिद्द पकड़ ली।
वहीं आमरण अनशन पर बैठे कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि, 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले से हमें धोखा दिया है। OROP का वायदा करके अब विश्वासघात कर रहे हैं। हम 17 अगस्त से अनशन पर बैठ गए हैं। जब तक हमारी मांगों को नहीं माना जाएगा, हम अनशन पर रहेंगे।
