पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद पंजाब सरकार ने 52 कर्मचारियों की तरक्की रद्द करते हुए सुपरिंटेंडेंट से सीनियर असिस्टेंट बना दिया है। अब सरकार को अदालत के अगले आदेश का इंतजार है। तब तक किसी भी सीनियर असिस्टेंट की पदोन्नति नहीं हो पाएगी।
पंजाब सिविल सचिवालय में तैनात इन कर्मचारियों की पदोन्नति को वरिंदर कुमार व अन्य ने चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि यह तरक्कियां नियमों के विपरीत की गई हैं। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर सरकार ने यह तरक्कियां रद्द कर दीं, लेकिन विभिन्न विभागों में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
इसका कारण यह है कि सुपरिंटेंडेंट न होने से फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इसके मद्देनजर सरकार ने एक याचिका अदालत में दायर कर इसका वैकल्पिक प्रबंध करने की इजाजत मांगी है
पंजाब सिविल सचिवालय में तैनात इन कर्मचारियों की पदोन्नति को वरिंदर कुमार व अन्य ने चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि यह तरक्कियां नियमों के विपरीत की गई हैं। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर सरकार ने यह तरक्कियां रद्द कर दीं, लेकिन विभिन्न विभागों में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
इसका कारण यह है कि सुपरिंटेंडेंट न होने से फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इसके मद्देनजर सरकार ने एक याचिका अदालत में दायर कर इसका वैकल्पिक प्रबंध करने की इजाजत मांगी है