ट्विटर का लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग एप्लिकेशन पेरिस्कोप अब गूगल के एंड्रॉयड पर भी मिलेगा। मार्च में ही इस एप्लिकेशन को एप्पल स्टोर पर लॉन्च किया गया था।
इसका प्रतिद्वंदी एप्लिकेशन मीरकैट मई की शुरुआत में ही गूगल स्टोर पर आ चुका है। ट्विटर ने इसी साल जनवरी में पेरिस्कोप को ख़रीदा था।
ट्विटर का दावा है कि ऐप स्टोर पर आने के पहले सप्ताह में ही इसे 10 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड किया गया।
दोनों ही एप्लिकेशन मोबाइल फ़ोन पर लाइव वीडियो दिखाते हैं। वीडियो देख रहे लोग टेक्स्ट संदेश भी दे सकते हैं जो स्क्रीन पर लाइव दिखते हैं।
इन ऐप की लोकप्रियता तो बढ़ रही है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी सेवाओं में बहुत अधिक मोबाइल डाटा ख़र्च होता है।
बीबीसी क्लिक की रिपोर्टर केट रसेल का कहना है, "मैंने 4-जी पर 11 मिनट तक इस एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया और इस दौरान 250 एमबी डाटा ख़र्च हो गया।"
वे कहती हैं, "यदि आप लगभग आधे घंटे तक वीडियो देखते हैं तो आप क़रीब 400 एमबी डाटा ख़र्च हो जाएगा। इसलिए आप इस बात का भी ध्यान रखें कि आप कितना डाटा इस्तेमाल कर रहे हैं।"
पेरिस्कोप की एंड्रॉयड इंजीनियर सारा हैदर का कहना है कि एंड्रॉयड पर लोग वहीं से लाइव स्ट्रीम देख सकेंगे जहाँ से उन्होंने छोड़ा है। यानी मैसेज या कॉल आने पर वीडियो वहीं से शुरु किया जा सकेगा जहाँ उसे छोड़ा था।
जो लोग लाइव वीडियो ब्रॉडकास्ट करेंगे उन्हें रीप्ले के लिए वीडियो अपलोड नहीं करना पड़ेगा।
इसका प्रतिद्वंदी एप्लिकेशन मीरकैट मई की शुरुआत में ही गूगल स्टोर पर आ चुका है। ट्विटर ने इसी साल जनवरी में पेरिस्कोप को ख़रीदा था।
ट्विटर का दावा है कि ऐप स्टोर पर आने के पहले सप्ताह में ही इसे 10 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड किया गया।
दोनों ही एप्लिकेशन मोबाइल फ़ोन पर लाइव वीडियो दिखाते हैं। वीडियो देख रहे लोग टेक्स्ट संदेश भी दे सकते हैं जो स्क्रीन पर लाइव दिखते हैं।
इन ऐप की लोकप्रियता तो बढ़ रही है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी सेवाओं में बहुत अधिक मोबाइल डाटा ख़र्च होता है।
बीबीसी क्लिक की रिपोर्टर केट रसेल का कहना है, "मैंने 4-जी पर 11 मिनट तक इस एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया और इस दौरान 250 एमबी डाटा ख़र्च हो गया।"
वे कहती हैं, "यदि आप लगभग आधे घंटे तक वीडियो देखते हैं तो आप क़रीब 400 एमबी डाटा ख़र्च हो जाएगा। इसलिए आप इस बात का भी ध्यान रखें कि आप कितना डाटा इस्तेमाल कर रहे हैं।"
पेरिस्कोप की एंड्रॉयड इंजीनियर सारा हैदर का कहना है कि एंड्रॉयड पर लोग वहीं से लाइव स्ट्रीम देख सकेंगे जहाँ से उन्होंने छोड़ा है। यानी मैसेज या कॉल आने पर वीडियो वहीं से शुरु किया जा सकेगा जहाँ उसे छोड़ा था।
जो लोग लाइव वीडियो ब्रॉडकास्ट करेंगे उन्हें रीप्ले के लिए वीडियो अपलोड नहीं करना पड़ेगा।
