China Coup News : चीन में हो सकता है तख्तापलट.... पूर्व राजनयिक ने कहा, जिनपिंग के खिलाफ बढ़ रही नाराजगी

Swati
0
ASIAN Countries News in Hindi, बाकी एशिया समाचार, Latest ASIAN Countries Hindi News, बाकी एशिया खबरें
Get ASIAN Countries news in hindi, बाकी एशिया समाचार, Latest ASIAN Countries News, बाकी एशिया प्रमुख खबरें, ASIAN Countries News headlines, बाकी एशिया ताजा समाचार and all updates of ASIAN Countries and cities only at Navbharat Times 
China Coup News : चीन में हो सकता है तख्तापलट.... पूर्व राजनयिक ने कहा, जिनपिंग के खिलाफ बढ़ रही नाराजगी
Feb 12th 2022, 13:34

बीजिंग: दुनिया में चीन की एक स्थिर और मजबूत छवि गढ़ी गई है। हालांकि एक्सपर्ट की मानें तो पड़ोसी मुल्क की तथाकथित मजबूत इमेज से बिल्कुल उलट चीन वास्तव में अंदर से कमजोर स्थिति में है। 'China Coup' के लेखक और पूर्व राजनयिक रोजर गारसाइड कहते हैं कि चीन के अंदरूनी हालात मौजूदा सत्ता को अस्थिर कर सकते हैं। गारसाइड बीजिंग में ब्रिटिश दूतावास में दो बार सेवा दे चुके हैं। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) इस साल नेशनल पार्टी कांग्रेस में सीसीपी चेयरमैन के तौर पर लगातार तीसरा कार्यकाल हासिल करने की कोशिश में हैं। गारसाइड ने कहा कि राष्ट्रपति शी की मौजूदा सरकार सेना से कहीं ज्यादा बजट अपनी आंतरिक सुरक्षा पर खर्च कर रही है। उन्होंने कहा, 'चीन को अपने आंतरिक दुश्मनों से खतरा सता रहा है।' लेखक का मानना है कि शी जिनपिंग के खिलाफ कम्युनिस्ट नेताओं का एक समूह आंतरिक तख्तापलट कर सकता है और चीन एक लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था में तब्दील हो सकता है। गारसाइड ने द एपोक टाइम्स से कहा, 'चीन में अंदरूनी राजनीति अच्छी नहीं है। केवल ट्रांसप्लांट ही इसे बचा सकता है और वह एक मात्र प्रतिस्पर्धी लोकतंत्र है।' गारसाइड के मुताबिक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) में उच्च स्तर पर नेतृत्व का मानना है कि शी चीन को बहुत ही जोखिम भरे और खतरनाक दिशा में लेकर जा रहे हैं। प्रीमियर ली केकियांग समेत सीसीपी नेताओं का सोचना है कि शी CCP के भविष्य के साथ-साथ अपनी संपत्ति और पावर को भी संकट में डाल रहे हैं। लेखक का दावा है कि कुछ सीसीपी नेता चीनी नेता के खिलाफ तख्तापलट की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीसीपी के कमजोर होने के चलते तख्तापलट कामयाब भी हो सकता है। राजनीतिक मोर्चे के अलावा एक और महत्वपूर्ण फैक्टर चीन का प्राइवेट सेक्टर है, जो काफी शक्तिशाली और स्वायत्त है। गारसाइड के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर सीसीपी पर दबाव बना रहा है जिससे देश के नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है।

You are receiving this email because you subscribed to this feed at blogtrottr.com.

If you no longer wish to receive these emails, you can unsubscribe from this feed, or manage all your subscriptions.
Tags

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)