पुतिन और जिनपिंग का ऐलान, रूस-चीन दोस्‍ती में नहीं होगी कोई सीमा, यूक्रेन पर नाटो को संदेश

Swati
0
World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times
News from around the world find latest Breaking news in Hindi. World News in Hindi, International News, Global News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार Latest International news in Hindi 
पुतिन और जिनपिंग का ऐलान, रूस-चीन दोस्‍ती में नहीं होगी कोई सीमा, यूक्रेन पर नाटो को संदेश
Feb 5th 2022, 04:16

बीजिंग: यूक्रेन संकट के बीच चीन पहुंचे रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन को बड़ी सफलता हाथ लगी। चीन ने जहां यूक्रेन मसले पर खुलकर रूस का साथ देने का ऐलान किया है, वहीं यह भी कहा है कि बीजिंग और मास्‍को के बीच रिश्‍तों में अब कोई सीमा नहीं होगी और दोनों देश एक-दूसरे का पूरा सहयोग करेंगे। रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन और चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की राजधानी बीज‍िंग में मुलाकात के बाद दोनों देशों की ओर से यह बयान आया है। यही नहीं चीन ने कहा कि वह नाटो में नए सदस्‍य देश को शामिल करने का विरोध करता है, वहीं पुतिन ने भी ताइवान के मुद्दे पर चीन का साथ देते हुए कहा कि वह 'एक चीन की नीति' का समर्थन करता है। इस मुलाकात के बाद जारी संयुक्‍त बयान में दोनों देशों ने कहा कि उनका यह नया रिश्‍ता कोल्‍ड वार के दौर के किसी भी राजनीतिक या सैन्‍य गठबंधन से ज्‍यादा बेहतर होगा। रूस-चीन ने कहा, 'दोनों देशों के बीच दोस्‍ती में अब कोई सीमा नहीं होगी। अब सहयोग का कोई क्षेत्र अब वर्जित नहीं होगा।' रूस ने क्‍वॉड पर परोक्ष रूप से जताई आपत्ति रूस और चीन ने घोषणा की कि वे अब अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशल इंटेल‍िजेंस और इंटरनेट के नियंत्रण के मुद्दे पर मिलकर काम करेंगे। यही नहीं रूस ने चीन की घेरेबंदी के लिए बनाए गए क्वाड पर परोक्ष रूप से आपत्ति जताते हुए एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उसके (क्वाड के) संगठन बनाने के बीजिंग के विरोध का समर्थन किया। दोनों देशों ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के विरुद्ध गठबंधन को मजबूत करने पर बल दिया। भारत भी क्‍वॉड का सदस्‍य है। यूक्रेन पर अपने बयान में रूस और चीन ने कहा, 'रूस और चीन नाटो के विस्तार का विरोध करते हैं और उत्तरी अटलांटिक गठबंधन से अपने वैचारिक शीत युद्ध के दृष्टिकोण को छोड़ने, अन्य देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और हितों का सम्मान करने, उनकी सभ्यतागत, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की विविधता का सम्मान करने का आह्वान करते हैं। अन्य देशों के शांतिपूर्ण विकास के प्रति निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ रवैया अपनाएं।' पुतिन और शी जिनपिंग ने ऑकस गठजोड़ पर गंभीर चिंता जताई रूस और चीन का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पश्चिमी देशों ने आरोप लगाया है कि रूस ने 1 लाख से ज्‍यादा सैनिकों को यूक्रेन की सीमा पर जमा किया है। साथ रूस की मंशा है कि वह यूक्रेन पर कब्‍जा कर ले। अमेरिका के राष्‍ट्रपति ने रूस को चेतावनी दी है कि अगर उसने यूक्रेन पर हमला किया तो इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे। पुतिन को गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों से गुजरना होगा। वहीं रूस ने इन आरोपों का खंडन किया है। पुतिन और शी जिनपिंग ने ऑकस रक्षा गठजोड़ पर भी गंभीर चिंता जताई है जो अमेरिका ने ऑस्‍ट्रेलिया के साथ किया है।

You are receiving this email because you subscribed to this feed at blogtrottr.com.

If you no longer wish to receive these emails, you can unsubscribe from this feed, or manage all your subscriptions.

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)