केंद्र सरकार द्वारा 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश करेंगी और पिछली बार की ही तरह इस बार भी महामारी के दौरान कैसे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके, इसपर ध्यान होगा। वहीं, हर बार की तरह हर सेक्टर के लोग इस बार भी अपने लिए उम्मीदें लगाए हुए हैं। इस बीच अंकित सेहरा, जो अंकित सेहरा एंड एसोसिएट्स के फाउंडर और टेक्स एक्सपर्ट हैं, ने अपने प्री बजट रेकमेंडेशन्स में कुछ ऐसी बातों पर प्रकाश डाला है, जो आम आदमी को राहत दे सकती हैं।
मेडिक्लेम खर्च
अंकित सेहरा कहते हैं, 'कोविड आज हमारे जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है और पिछले दो वर्षों से व्यक्ति की जेब पर चिकित्सा पर लगने वाला खर्च बढ़ा है। कोविड से संबंधित खर्चे जैसे मास्क, टीके, रैपिड टेस्ट, आरटी-पीसीआर टेस्ट, दवा, सलाह लेना, क्वारंटाइन लॉस, अस्पताल में भर्ती आदि ने एक व्यक्ति पर अतिरिक्त बोझ डाला है। ऐसे में बजट के दौरान लोगों के मनोबल को बढ़ाने के लिए हम उम्मीद कर रहे हैं कि चिकित्सा खर्च और हेल्थ बीमा से संबंधित खर्चों के लिए धारा 80 डी के तहत अधिकतम अनुमत कटौती 1,00,000 रुपये होनी चाहिए और आयकर व्यवस्था के तहत इसका दावा करने के लिए एक अलग श्रेणी बनाई जानी चाहिए।'
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स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाना
सेहरा ने आगे कहा, 'एक कर व्यवसायी के रूप में, आगामी बजट 2022 से यह अपेक्षा की जाती है कि वेतनभोगी वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा 50,000 से बढ़ाकर 1,00,000 की जाए।' उनका कहा है कि व्यवसायी वर्ग के लोग बहुत अधिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, इससे वे राजस्व के सामने अपने खर्चों को लेकर दावा कर सकते हैं। बता दें कि नौकरी करने वाले लोग कोरोना के कारण काफी तकलीफ में हैं। बिजली से लेकर चिकित्सा खर्च समेत करदाताओं के कई खर्चों में तेज उछाल आया है। उम्मीदें लगाई जा रही हैं कि सरकार इस बार नौकरीपेशा और पेंशनर्स की मुश्किलों को देखते हुए टैक्स छूट की लिमिट बढ़ाने पर विचार कर सकती है।
क्रिप्टोकरेंसी टेक्स पर स्पष्टता हो
अंकित सेहरा एंड एसोसिएट्स के फाउंडर कहते हैं कि इस आगामी बजट 2022 में क्रिप्टोकरेंसी के समक्ष रेग्युलेटरी व टैक्सेशन व्यवस्था की शुरूआत की जा सकती है। उनका कहना है कि क्रिप्टो के क्षेत्र में इसकी आवश्यकता है। वहीं, बाजार में आम आदमी इससे प्रभावित भी हो रहा है। बता दें कि उम्मीदें हैं कि आगामी केंद्रीय बजट रेग्युलेट को लेकर स्पष्टता लाएगा और इस उभरती संपत्ति वर्ग के बारे में गलत धारणाओं को दूर करेगा।
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