नई दिल्लीः
देश में कोरोना वायरस सक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे कम होती जा रही है। आर्थिक राजधानी मुंबई में हालात काबू में होते दिख रहे हैं। आखिरी 24 घंटे में मुंबई में कोरोना वायरस के 1815 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जबकि 10 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तरह मुंबई में भी कोरोना टेस्टिंग कम हो रही है। पिछले 24 घंटे में 34227 लोगों के टेस्ट किए गए हैं। ऐसे में जो टेस्टिंग कभी 90 हजार तक के पार चल रही थी, अब 40 हजार के भी नीचे चली गई है, लेकिन प्रशासन ये मानने से इनकार करता है कि टेस्टिंग किसी तरह से भी कमी की गई है।
अभी इस समय मुंबई में कुल 3474 मरीज कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार को ही 293 नए मरीजों को भर्ती किया गया है।
बता दें कि पिछले 24 घंटे में राजधानी दिल्ली में कोरोना के 6028 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 31 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। संक्रमण दर भी 10.55% प्रतिशत पर पहुंच चुका है। वहीं, दिल्ली के सीएम केजरीवाल कह रहे हैं कि जल्द ही शहर को पाबंदियों से मुक्त कर दिया जाएगा।
इन आंकड़ों के बीच दो आंकड़े ऐसे भी हैं जो चितां का विषय बने हुए हैं। दिल्ली में मामले जरूर कम हो गए हैं, लेकिन मरने वाले मरीजों की तादाद में ज्यादा फर्क नहीं आया है। आज भी 30 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी है।
इसके अलावा दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग को लेकर भी विवाद है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो राजधानी में सिर्फ 42607 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है। अगर दो हफ्ते पहले तक की बात करें जब दिल्ली में कोरोना के रिकॉर्ड मामले आ रहे थे, तब राजधानी में 90 हजार से भी ज्यादा टेस्ट किए गए थे। ऐसे में दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग काफी कम कर दी गई है।
]]>