बहू हिमांशी की मौत के बाद बीएसपी सांसद नरेंद्र कश्यप, उनकी पत्नी और बेटे सागर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है। कहा जा रहा है कि तबियत खराब होने के चलते बसपा सांसद और उनकी पत्नी पुलिस कस्टडी में अस्पताल में हैं।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद इन दोनों को सीधा जेल भेज दिया जाएगा वहीं मृतका हिमांशी के पति सागर को पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी है।
सांसद पुत्रवधू हिमांशी कश्यप से शादी के चौथे दिन से ही दहेज के लिए टॉर्चर किया जाने लगा था। उससे दहेज में 50 लाख रुपये की डिमांड की जाने लगी थी। नगदी के साथ ही जेवर और लग्जरी कार मांगी जाती थी। डिमांड पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था।
हिमांशी के चाचा हरीओम कश्यप ने यह आरोप सांसद परिवार पर लगाए हैं। शव देखने के बाद उन्होंने दावा किया कि हिमांशी को दागा जाता था। आरोप है कि 15 दिन पहले बेटी हिमांशी को ऐसे पीटा था कि उसका एक कान का पर्दा तक सूज गया। परिजनों ने प्लॉट बेचकर कार देने का आश्वासन देते हुए एक माह की मोहलत मांगी थी।
ससुरालियों की डिमांड पर उस वक्त एक सोने का एक हार हिमांशी को दिया था। हीरालाल कश्यप ने बताया कि मंगलवार को वह एक कार्यक्रम में भाग लेने गाजियाबाद गए थे, तभी हिमांशी ने उनसे ससुराल वालों की शिकायत की। तब भी वह शिकायत करने के लिए कविनगर थाने गए, थाने में रुके लेकिन पारिवारिक बदनामी के डर से उन्होंने शिकायत नहीं की।
करीब डेढ़ साल पहले अपनी इकलौती बिटिया को हेलीकाप्टर से विदा करने वाले बसपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री हीरालाल को नहीं पता था कि बड़े अरमानों के साथ जिस लाड़ली को गाजियाबाद के बसपा सांसद नरेंद्र कश्यप के बेटे सागर के साथ ब्याह रहे हैं, वहां से उसकी मौत की खबर आएगी।
बुधवार को बिटिया के सिर में गोली लगने से हुई मौत की सूचना पर वह बदहवास से हो गए। तत्काल ही गाजियाबाद के लिए परिवार के साथ रवाना हो गए। जाते वक्त उन्होंने भरे गले से यही कहा... काश! बेटी को साथ ले आता तो वह जिंदा होती।
बच्ची की मौत का गम ने हीरालाल को झकझोर कर रख दिया है। अपनी बेटी की मौत की खबर पर जब वह परिवार के साथ गाजियाबाद जा रहे थे, तो रास्ते में बेहोश हो गए। परिवार के लोगों ने बुलंदशहर में उनको एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया, तब उन्हें होश आया।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद इन दोनों को सीधा जेल भेज दिया जाएगा वहीं मृतका हिमांशी के पति सागर को पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी है।
सांसद पुत्रवधू हिमांशी कश्यप से शादी के चौथे दिन से ही दहेज के लिए टॉर्चर किया जाने लगा था। उससे दहेज में 50 लाख रुपये की डिमांड की जाने लगी थी। नगदी के साथ ही जेवर और लग्जरी कार मांगी जाती थी। डिमांड पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था।
हिमांशी के चाचा हरीओम कश्यप ने यह आरोप सांसद परिवार पर लगाए हैं। शव देखने के बाद उन्होंने दावा किया कि हिमांशी को दागा जाता था। आरोप है कि 15 दिन पहले बेटी हिमांशी को ऐसे पीटा था कि उसका एक कान का पर्दा तक सूज गया। परिजनों ने प्लॉट बेचकर कार देने का आश्वासन देते हुए एक माह की मोहलत मांगी थी।
ससुरालियों की डिमांड पर उस वक्त एक सोने का एक हार हिमांशी को दिया था। हीरालाल कश्यप ने बताया कि मंगलवार को वह एक कार्यक्रम में भाग लेने गाजियाबाद गए थे, तभी हिमांशी ने उनसे ससुराल वालों की शिकायत की। तब भी वह शिकायत करने के लिए कविनगर थाने गए, थाने में रुके लेकिन पारिवारिक बदनामी के डर से उन्होंने शिकायत नहीं की।
करीब डेढ़ साल पहले अपनी इकलौती बिटिया को हेलीकाप्टर से विदा करने वाले बसपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री हीरालाल को नहीं पता था कि बड़े अरमानों के साथ जिस लाड़ली को गाजियाबाद के बसपा सांसद नरेंद्र कश्यप के बेटे सागर के साथ ब्याह रहे हैं, वहां से उसकी मौत की खबर आएगी।
बुधवार को बिटिया के सिर में गोली लगने से हुई मौत की सूचना पर वह बदहवास से हो गए। तत्काल ही गाजियाबाद के लिए परिवार के साथ रवाना हो गए। जाते वक्त उन्होंने भरे गले से यही कहा... काश! बेटी को साथ ले आता तो वह जिंदा होती।
बच्ची की मौत का गम ने हीरालाल को झकझोर कर रख दिया है। अपनी बेटी की मौत की खबर पर जब वह परिवार के साथ गाजियाबाद जा रहे थे, तो रास्ते में बेहोश हो गए। परिवार के लोगों ने बुलंदशहर में उनको एक निजी चिकित्सक के यहां दिखाया, तब उन्हें होश आया।
