उत्तरकाशी के नेताला गांव में होली के दिन घर में हुए विवाद में एक पिता ने अपनी बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी पिता को नई टिहरी जेल भेज दिया है।
नेताला गांव निवासी माधव बहुगुणा शिक्षा विभाग में लिपिक पद पर तैनात है। होली के दिन बृहस्पतिवार दोपहर करीब ढाई बजे घर में कोई विवाद होने पर उसने लाइसेंसी सिंगल बैरल की बंदूक से अपनी बेटी राखी (21) को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर घर के अन्य कमरों में मौजूद परिजनों के साथ ही आसपास के घरों से ग्रामीण भी वहां पहुंचे।
उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को देते हुए घायल राखी को तुरंत ही अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोली मृतका की आंख और सिर को फाड़ते हुए बाहर निकली।
मृतका के भाई पंकज बहुगुणा ने पुलिस में अपने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोपी माधव की पिटाई भी कर दी। बताया जा रहा है कि हत्या आरोपी शराब के नशे में था।
थानाध्यक्ष मनेरी दीप कुमार ने बताया कि बेटे की तहरीर पर माधव बहुगुणा के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में मुकदमा दर्ज कर उसे नेताला से ही गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को उसे सीजेएम के समक्ष पेश कर न्यायालय के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नई टिहरी जेल भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने केदारघाट पर मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया।
कुछ दिन बाद जिस बेटी को डोली में विदा होना था, उसे जिला अस्पताल से अर्थी पर विदाई दी गई। बेटी की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है।
बता दें कि नेताला गांव में माधव बहुगुणा की बेटी राखी की शादी अगले माह 17 तारीख को होनी थी। घर में शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थी।
पांच भाई बहनों में सबसे छोटी राखी बीए अंतिम वर्ष की छात्रा थी। उससे बड़ी दो बहनों की शादी हो चुकी है और दोनों अविवाहित भाई अभी रोजगार की तलाश में हैं। जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों के विलाप से माहौल बेहद गमगीन हो गया।
यहां गम के साथ ही बेटी की हत्या करने वाले घर के मुखिया माधव बहुगुणा के प्रति खासा रोष भी देखा गया। रोते बिलखते परिजन माधव को जमकर कोस रहे थे। अब बेटी की अर्थी उठने और पिता के जेल जाने के बाद घर में मातम छाया हुआ है।
ग्रामीणों की मानें तो माधव पहले भी हवाई फायर कर पड़ोसियों को आतंकित करता था। कई बार शिकायत करने पर पुलिस ने उसकी बंदूक जब्त भी की, लेकिन फिर न जाने किन कारणों से लौटा दी। घटना ने असामाजिक एवं उग्र प्रवृत्ति के लोगों के पास हथियारों की मौजूदगी पर सवाल उठा दिए हैं।
नेताला गांव निवासी माधव बहुगुणा शिक्षा विभाग में लिपिक पद पर तैनात है। होली के दिन बृहस्पतिवार दोपहर करीब ढाई बजे घर में कोई विवाद होने पर उसने लाइसेंसी सिंगल बैरल की बंदूक से अपनी बेटी राखी (21) को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर घर के अन्य कमरों में मौजूद परिजनों के साथ ही आसपास के घरों से ग्रामीण भी वहां पहुंचे।
उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को देते हुए घायल राखी को तुरंत ही अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोली मृतका की आंख और सिर को फाड़ते हुए बाहर निकली।
मृतका के भाई पंकज बहुगुणा ने पुलिस में अपने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोपी माधव की पिटाई भी कर दी। बताया जा रहा है कि हत्या आरोपी शराब के नशे में था।
थानाध्यक्ष मनेरी दीप कुमार ने बताया कि बेटे की तहरीर पर माधव बहुगुणा के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में मुकदमा दर्ज कर उसे नेताला से ही गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार को उसे सीजेएम के समक्ष पेश कर न्यायालय के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नई टिहरी जेल भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने केदारघाट पर मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया।
कुछ दिन बाद जिस बेटी को डोली में विदा होना था, उसे जिला अस्पताल से अर्थी पर विदाई दी गई। बेटी की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है।
बता दें कि नेताला गांव में माधव बहुगुणा की बेटी राखी की शादी अगले माह 17 तारीख को होनी थी। घर में शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थी।
पांच भाई बहनों में सबसे छोटी राखी बीए अंतिम वर्ष की छात्रा थी। उससे बड़ी दो बहनों की शादी हो चुकी है और दोनों अविवाहित भाई अभी रोजगार की तलाश में हैं। जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों के विलाप से माहौल बेहद गमगीन हो गया।
यहां गम के साथ ही बेटी की हत्या करने वाले घर के मुखिया माधव बहुगुणा के प्रति खासा रोष भी देखा गया। रोते बिलखते परिजन माधव को जमकर कोस रहे थे। अब बेटी की अर्थी उठने और पिता के जेल जाने के बाद घर में मातम छाया हुआ है।
ग्रामीणों की मानें तो माधव पहले भी हवाई फायर कर पड़ोसियों को आतंकित करता था। कई बार शिकायत करने पर पुलिस ने उसकी बंदूक जब्त भी की, लेकिन फिर न जाने किन कारणों से लौटा दी। घटना ने असामाजिक एवं उग्र प्रवृत्ति के लोगों के पास हथियारों की मौजूदगी पर सवाल उठा दिए हैं।
