सिहानी गेट की एसओजी टीम ने शास्त्रीनगर से बृहस्पतिवार शाम एक मोबाइल शॉप संचालक को उसकी दुकान से ‘बदमाशों की तरह’ उठा लिया। पिस्टल के बल पर उसे कार में बैठाकर सिहानी गेट थाने पहुंचे।
मार्केट में हड़कंप मच गया, सूचना शॉप संचालक के परिजनों को दी गई। परिजनों ने कंट्रोल रूम में कॉल कर अपहरण की सूचना दी। आनन फानन में कविनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
परिजनों ने दुकानदारों के साथ मार्केट और सिहानी गेट थाने में हंगामा कर दिया। आधे घंटे तक पूछताछ के बाद पुलिस ने मोबाइल शॉप संचालक को छोड़ा तो परिजन शांत हुए।
मोबाइल शॉप संचालक के मोबाइल पर एक संदिग्ध की कॉल आई थी। युवक के बारे में पूछताछ करने के� लिए पुलिस ने उसे पकड़ा है। रीयल स्टेट कारोबारी ने शास्त्रीनगर मोबाइल शॉप खोल रखी है, जिसे उनका छोटा भाई चलाता है।
कारोबारी ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे सफेद रंग की इनोवा कार से आए चार युवकाें ने उनके भाई को दुकान से बाहर बुलाया, विरोध करने पर पिस्टल दिखाई और कार में डालकर ले गए।
पड़ोसी दुकानदार ने उन्हें इसकी सूचना दी। पुलिस को सूचना दी, कविनगर पुलिस पहुंची। घटना पास ही स्थित एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
सीओ ने बताया कि पूछताछ के बाद मोबाइल शॉप संचालक को छोड़ दिया गया है। सूचना थी कि उसने एक संदिग्ध व्यक्ति से फोन पर बात की थी।
दुकानदार बोले, ये तो ‘गुंडाराज’
पुलिस के रवैये से दुकानदारों और मोबाइल शॉप संचालक के परिजनों में नाराजगी जताई। परिजनों ने कहा कि बदमाशों की तरह जबरन पिस्टल के बल पर थाने ले जाना गलत है।
दुकानदारों ने भी पुलिस के� इस कृत्य पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि ऐसा लगता है कि शहर में पुलिस वाले ही ‘गुंडे’ बन गए हैं। मामले की शिकायत आलाधिकारियों से करने की चेतावनी दी गई है।
मार्केट में हड़कंप मच गया, सूचना शॉप संचालक के परिजनों को दी गई। परिजनों ने कंट्रोल रूम में कॉल कर अपहरण की सूचना दी। आनन फानन में कविनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
परिजनों ने दुकानदारों के साथ मार्केट और सिहानी गेट थाने में हंगामा कर दिया। आधे घंटे तक पूछताछ के बाद पुलिस ने मोबाइल शॉप संचालक को छोड़ा तो परिजन शांत हुए।
मोबाइल शॉप संचालक के मोबाइल पर एक संदिग्ध की कॉल आई थी। युवक के बारे में पूछताछ करने के� लिए पुलिस ने उसे पकड़ा है। रीयल स्टेट कारोबारी ने शास्त्रीनगर मोबाइल शॉप खोल रखी है, जिसे उनका छोटा भाई चलाता है।
कारोबारी ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे सफेद रंग की इनोवा कार से आए चार युवकाें ने उनके भाई को दुकान से बाहर बुलाया, विरोध करने पर पिस्टल दिखाई और कार में डालकर ले गए।
पड़ोसी दुकानदार ने उन्हें इसकी सूचना दी। पुलिस को सूचना दी, कविनगर पुलिस पहुंची। घटना पास ही स्थित एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
सीओ ने बताया कि पूछताछ के बाद मोबाइल शॉप संचालक को छोड़ दिया गया है। सूचना थी कि उसने एक संदिग्ध व्यक्ति से फोन पर बात की थी।
दुकानदार बोले, ये तो ‘गुंडाराज’
पुलिस के रवैये से दुकानदारों और मोबाइल शॉप संचालक के परिजनों में नाराजगी जताई। परिजनों ने कहा कि बदमाशों की तरह जबरन पिस्टल के बल पर थाने ले जाना गलत है।
दुकानदारों ने भी पुलिस के� इस कृत्य पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि ऐसा लगता है कि शहर में पुलिस वाले ही ‘गुंडे’ बन गए हैं। मामले की शिकायत आलाधिकारियों से करने की चेतावनी दी गई है।
