राष्ट्रीय तैराक सायरा सिरोही (16) के सुसाइड करने की वजह रहस्य बनी है। उसके पैरेंट्स खुद ही जांच में जुटे हैं। पिता जयदीप का कहना है कि सायरा डीपीएसजी मेरठ रोड मैनेजमेंट के रवैये से नाखुश थी।
इसकी एक वजह ट्रांसपोर्टेशन फीस का नोटिस भिजवाना और दूसरा एक टीचर का उससे यह कहना कि प्रिंसिपल उससे नाराज हैं, अगर वह फेल हुई तो स्कूल से निकाल दी जाएगी।
दूसरी तरफ, स्कूल प्रिंसिपल ज्योति गुप्ता का कहना है कि सायरा के सुसाइड में स्कूल की कोई भूमिका नहीं है। उसे स्कूल की तरफ से सारी सुविधाएं मिली हुई थीं, एग्जाम के समय टूर्नामेंट में जाने पर उसे बाद में एग्जाम देने की छूट थी।
सायरा के� पिता जयदीप सिरोही ने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट ने अचानक सायरा के यूनिट टेस्ट शुरू करा दिए। टेस्ट लगातार थे, लेकिन स्कूल टीचर ने उसे कोई तैयारी नहीं कराई थी।
उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट के रवैये से परेशान होकर� फरवरी में ही सायरा को पुणे शिफ्ट करने की प्लानिंग की थी। उन्होंने मंगलवार को घटना का डेमो करके भी देखा था।
सायरा सिरोही को दी श्रद्धांजलि
सायरा सिरोही को विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी। पुराने बस अड्डे पर सभी ने असमय मृत्यु पर शोक जताया। क्रीड़ा भारती विभाग के अरविंद प्रभात, अरुण चौधरी, सचिन सोनी, राजीव, रॉबिन, हरेंद्र, अनिल, अनिल सागर, लव कुश, धर्मेंद्र बिधूड़ी रहे। उधर, कुछ आप नेता कलक्ट्रेट पर डीएम से मिले और मौत की जांच की मांग की।
पिता की खातिर तैराक बनी थीं
पिता जयदीप ने बताया कि वह पुलिस विभाग में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हुए थे। भाला फेंक उनका पसंदीदा गेम था। बेटी को भी वह स्पोर्ट प्लेयर बनाना चाहते थे। बेटी ने स्वीमिंग में रुचि दिखाई थी।
सीएम तक पहुंचा मामला
सायरा की मौत का मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक भी पहुंचा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री को कुछ लोगों ने इस घटना से अवगत कराया है।
किसी ने नहीं की मदद
होनहार होने के बावजूद सायरा की किसी ने मदद नहीं की थी। कोई संस्था उसे बढ़ाने आगे नहीं आई।
28 अक्तूबर को फेसुबक पर अपलोड़ की थी यह लास्ट सेल्फी�
सायरा ने सुसाइड की वजह� जानने के लिए पुलिस उसका फेसबुक अकाउंट खंगाल रही है। कविनगर एसएचओ ने बताया कि फेसबुक पर ऐसी कोई जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बता दें कि उसने 28 अक्तूबर को उसने आखिरी बार अपनी फोटो फेसबुक पर अपलोड की थी, हालांकि वह फोटो पर किए जा रहे दोस्तों के कमेंट्स का 26 दिसंबर जवाब दे रही थीं।
इसकी एक वजह ट्रांसपोर्टेशन फीस का नोटिस भिजवाना और दूसरा एक टीचर का उससे यह कहना कि प्रिंसिपल उससे नाराज हैं, अगर वह फेल हुई तो स्कूल से निकाल दी जाएगी।
दूसरी तरफ, स्कूल प्रिंसिपल ज्योति गुप्ता का कहना है कि सायरा के सुसाइड में स्कूल की कोई भूमिका नहीं है। उसे स्कूल की तरफ से सारी सुविधाएं मिली हुई थीं, एग्जाम के समय टूर्नामेंट में जाने पर उसे बाद में एग्जाम देने की छूट थी।
सायरा के� पिता जयदीप सिरोही ने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट ने अचानक सायरा के यूनिट टेस्ट शुरू करा दिए। टेस्ट लगातार थे, लेकिन स्कूल टीचर ने उसे कोई तैयारी नहीं कराई थी।
उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट के रवैये से परेशान होकर� फरवरी में ही सायरा को पुणे शिफ्ट करने की प्लानिंग की थी। उन्होंने मंगलवार को घटना का डेमो करके भी देखा था।
सायरा सिरोही को दी श्रद्धांजलि
सायरा सिरोही को विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी। पुराने बस अड्डे पर सभी ने असमय मृत्यु पर शोक जताया। क्रीड़ा भारती विभाग के अरविंद प्रभात, अरुण चौधरी, सचिन सोनी, राजीव, रॉबिन, हरेंद्र, अनिल, अनिल सागर, लव कुश, धर्मेंद्र बिधूड़ी रहे। उधर, कुछ आप नेता कलक्ट्रेट पर डीएम से मिले और मौत की जांच की मांग की।
पिता की खातिर तैराक बनी थीं
पिता जयदीप ने बताया कि वह पुलिस विभाग में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हुए थे। भाला फेंक उनका पसंदीदा गेम था। बेटी को भी वह स्पोर्ट प्लेयर बनाना चाहते थे। बेटी ने स्वीमिंग में रुचि दिखाई थी।
सीएम तक पहुंचा मामला
सायरा की मौत का मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक भी पहुंचा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री को कुछ लोगों ने इस घटना से अवगत कराया है।
किसी ने नहीं की मदद
होनहार होने के बावजूद सायरा की किसी ने मदद नहीं की थी। कोई संस्था उसे बढ़ाने आगे नहीं आई।
28 अक्तूबर को फेसुबक पर अपलोड़ की थी यह लास्ट सेल्फी�
सायरा ने सुसाइड की वजह� जानने के लिए पुलिस उसका फेसबुक अकाउंट खंगाल रही है। कविनगर एसएचओ ने बताया कि फेसबुक पर ऐसी कोई जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बता दें कि उसने 28 अक्तूबर को उसने आखिरी बार अपनी फोटो फेसबुक पर अपलोड की थी, हालांकि वह फोटो पर किए जा रहे दोस्तों के कमेंट्स का 26 दिसंबर जवाब दे रही थीं।
