फरीदाबाद। यहां के उद्योगों में आ रही बिजली की समस्याओं के संबंध में फरीदाबाद इंडस्ट्री एसोसिएशन के सदस्य दक्षिण हरियाणा विद्युत वितरण निगम के एमडी अरुण कुमार से मिले। सदस्यों ने उनसे समाधान की मांग की।
एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक कर्नल शैलेंद्र कपूर ने बताया कि उद्योगों के लिए आज के समय सबसे बड़ी समस्या पर्याप्त बिजली न मिल पाना है और उसका रेट अधिक होना है।
कपूर ने बताया कि एमडी के साथ हुई बैठक में पीक ऑवर लोड का मुद्दा उठाया गया। कपूर ने बताया कि मांग के अनुरूप बिजली नहीं मिलती।
कपूर ने बताया कि व्यापारियों ने अपने स्तर पर बाहर से बिजली लेने का इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया था। जब बिजली की बिड के लिए एचबीपीएन को मेल किया जाता तो जवाब मिलता है कि उन्हें मेल नहीं मिला है।
इसके कारण निगम की बिना प्रयोग की गई बिजली के पैसे भी निगम बिलों में लगाकर भेज देता है। इसके अलावा बिजली सप्लाई की डाटा शीट के बारे में बात की गई।
एफआईए के सदस्यों ने बताया कि उद्योगपतियों को एचबीपीएन की ओर से प्रयोग की गई बिजली की डाटाशीट नहीं मिलती है जिससे पता चले कि कितनी बिजली कहां से ली गई।
इस संबंध में एमडी ने एचबीपीएन के अधिकारियों को शीट उपलब्ध कराने के लिए कहा है। शैलेंद्र कपूर ने बताया कि यहां के उद्योगपतियों को बिजली निगम की ओर से क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि अगर व्यापारी निगम से बिजली खरीद चुका है। इसके� बाद अगर निगम की ओर से शट डाउन लिया जाता है या ट्रिपिंग होती है। इसका मुआवजा उद्योगपतियों को मिलना चाहिए।
एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक कर्नल शैलेंद्र कपूर ने बताया कि उद्योगों के लिए आज के समय सबसे बड़ी समस्या पर्याप्त बिजली न मिल पाना है और उसका रेट अधिक होना है।
कपूर ने बताया कि एमडी के साथ हुई बैठक में पीक ऑवर लोड का मुद्दा उठाया गया। कपूर ने बताया कि मांग के अनुरूप बिजली नहीं मिलती।
कपूर ने बताया कि व्यापारियों ने अपने स्तर पर बाहर से बिजली लेने का इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया था। जब बिजली की बिड के लिए एचबीपीएन को मेल किया जाता तो जवाब मिलता है कि उन्हें मेल नहीं मिला है।
इसके कारण निगम की बिना प्रयोग की गई बिजली के पैसे भी निगम बिलों में लगाकर भेज देता है। इसके अलावा बिजली सप्लाई की डाटा शीट के बारे में बात की गई।
एफआईए के सदस्यों ने बताया कि उद्योगपतियों को एचबीपीएन की ओर से प्रयोग की गई बिजली की डाटाशीट नहीं मिलती है जिससे पता चले कि कितनी बिजली कहां से ली गई।
इस संबंध में एमडी ने एचबीपीएन के अधिकारियों को शीट उपलब्ध कराने के लिए कहा है। शैलेंद्र कपूर ने बताया कि यहां के उद्योगपतियों को बिजली निगम की ओर से क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि अगर व्यापारी निगम से बिजली खरीद चुका है। इसके� बाद अगर निगम की ओर से शट डाउन लिया जाता है या ट्रिपिंग होती है। इसका मुआवजा उद्योगपतियों को मिलना चाहिए।
