डब्ल्यूटीओ समझौता न करने और नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप समेत अन्य मांगों को लेकर देशभर के सेंट्रल व स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्र, शिक्षक व विभिन्न संगठनों के लोग मंगलवार को दिल्ली में चक्का जाम करेंगे।
जेएनयू छात्रसंघ की कॉल पर यूजीसी से जंतर-मंतर तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान डब्ल्यूटीओ से समझौता न करने की मांग केंद्र सरकार से की जाएगी।
इस दौरान देश के कई विश्वविद्यालयों में 8 और 9 दिसंबर को कक्षाओं का� बहिष्कार किया जाएगा। जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष शेहला राशिद के मुताबिक, डब्ल्यूटीओ व नॉन नेट रिसर्च स्कॉलरशिप समेत अन्य मुद्दों पर छात्रसंघ ने आठ और नौ दिसंबर को विरोध की कॉल बुलाई है।
विरोध में फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (फेडकुटा) और ऑल इंडिया ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गनाइजेशन भी भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ से समझौते के बाद उच्च शिक्षा महंगी हो जाएगी। विरोध प्रदर्शन में मेधा पाटेकर, योगेंद्र यादव, नंदिता नारायण, तनिका सरकार, हरबंस मुखिया समेत संभाजी भगत, हीरालाल आदि भाग लेंगे।
जेएनयू छात्रसंघ की कॉल पर यूजीसी से जंतर-मंतर तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान डब्ल्यूटीओ से समझौता न करने की मांग केंद्र सरकार से की जाएगी।
इस दौरान देश के कई विश्वविद्यालयों में 8 और 9 दिसंबर को कक्षाओं का� बहिष्कार किया जाएगा। जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष शेहला राशिद के मुताबिक, डब्ल्यूटीओ व नॉन नेट रिसर्च स्कॉलरशिप समेत अन्य मुद्दों पर छात्रसंघ ने आठ और नौ दिसंबर को विरोध की कॉल बुलाई है।
विरोध में फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (फेडकुटा) और ऑल इंडिया ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गनाइजेशन भी भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ से समझौते के बाद उच्च शिक्षा महंगी हो जाएगी। विरोध प्रदर्शन में मेधा पाटेकर, योगेंद्र यादव, नंदिता नारायण, तनिका सरकार, हरबंस मुखिया समेत संभाजी भगत, हीरालाल आदि भाग लेंगे।
