दिसंबर 2012 के दिल्ली गैंग रेप केस में शामिल नाबालिग दोषी को फिलहाल रिहा नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक 22 दिसंबर को नाबालिग को सुधार गृह से निकाला जाएगा लेकिन उसे बरी नहीं किया जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 21 साल के इस नाबालिग को एक साल के लिए अब एक एनजीओ की निगरानी में रहना होगा। गौरतलब है कि नाबालिग दोषी की रिहाई का निर्भया के माता-पिता विरोध कर रहे हैं।
दोषी की रिहाई को रोकने के लिए उन्होंने मानवाधिकार आयोग से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर रिहाई की जानकारी मांगी थी।
निर्भया के माता-पिता ने नाबालिग का चेहरा दिखाए जाने की भी मांग की थी। इसके अलावा उनकी मांग है कि दोषी नाबालिग पर लगातार निगरानी रखी जाए।
बता दें कि 16 दिसंबर 2012 के गैंगरेप मामले में इस नाबालिग को 5 अन्य लोगों के साथ दोषी ठहराया गया है। नाबालिग को मिली सजा पर भी काफी बहस हो चुकी है। यह मांग भी उठाई गई कि गंभीर आपराधों में शामिल नाबालिगों को मिलने वाली सजा के कानून में भी बदलाव किया जाए।
नाबालिग दोषी की रिहाई की खबर से जनता में आक्रोश को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोपी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धाराओं के तहत बंदी बनाए रखने का विचार किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 21 साल के इस नाबालिग को एक साल के लिए अब एक एनजीओ की निगरानी में रहना होगा। गौरतलब है कि नाबालिग दोषी की रिहाई का निर्भया के माता-पिता विरोध कर रहे हैं।
दोषी की रिहाई को रोकने के लिए उन्होंने मानवाधिकार आयोग से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर रिहाई की जानकारी मांगी थी।
निर्भया के माता-पिता ने नाबालिग का चेहरा दिखाए जाने की भी मांग की थी। इसके अलावा उनकी मांग है कि दोषी नाबालिग पर लगातार निगरानी रखी जाए।
बता दें कि 16 दिसंबर 2012 के गैंगरेप मामले में इस नाबालिग को 5 अन्य लोगों के साथ दोषी ठहराया गया है। नाबालिग को मिली सजा पर भी काफी बहस हो चुकी है। यह मांग भी उठाई गई कि गंभीर आपराधों में शामिल नाबालिगों को मिलने वाली सजा के कानून में भी बदलाव किया जाए।
नाबालिग दोषी की रिहाई की खबर से जनता में आक्रोश को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोपी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धाराओं के तहत बंदी बनाए रखने का विचार किया है।
