अलका लांबा पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में विधानसभा के शीतकालीन सत्र से निलंबित विधायक ओपी शर्मा को एक पुराने मामले में आचरण समिति ने दोषी करार दिया है।
आचरण समिति के अध्यक्ष नारायण दत्त शर्मा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ओपी शर्मा को बार-बार कहे जाने पर भी खेद नहीं जताया। समिति ने ओपी शर्मा को दोषी मानते हुए क्षतिग्रस्त माइक को बदले जाने का पूरा खर्च उनके वेतन से काटे जाने और भविष्य में ऐसा दुर्व्यवहार न करने की चेतावनी दिए जाने की सिफारिश करती है।
मामले में बृहस्पतिवार को भावना गौड़ की तरफ से माइक तोड़ने के खर्च के रूप में 18,560 रुपये वसूली का प्रस्ताव विधानसभा में लाया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ओपी शर्मा अपने दुर्व्यवहार के लिए खेद प्रकट किया होता तो उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता था। आचरण समिति ने इस मामले में 20 जुलाई को पहली बैठक करने के बाद 11 अगस्त, 15 अगस्त, 26 अक्तूबर, 16 नवंबर को बैठक की।
ओपी शर्मा ने 16 नवंबर की बैठक में तर्क दिया कि फुटेज में माइक क्षतिग्रस्त करने की घटना दर्ज नहीं है। अगर माइक टूट गया था तो हाथ में क्यों नहीं आया? माइक क्षतिग्रस्त करने को शर्मा ने स्वाभाविक व्यवहार बताया।
वीडियो क्लीपिंग, अखबारों की खबर, सोमनाथ भारती के बयान और ओपी शर्मा के जवाब को आधार बनाकर समिति ने माना है कि शर्मा ने माइक तोड़ा है।
30 जून को बजट चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री के वक्तव्य से असहमति जताते समय माइक बंद किए जाने पर ओपी शर्मा ने गुस्से में माइक क्षतिग्रस्त कर दिया था। उसी दिन आप विधायक सोमनाथ भारती ने इस व्यवहार को गलत आचरण बताकर मामला आचरण समिति को सौंपने की मांग रखी थी।
आचरण समिति के अध्यक्ष नारायण दत्त शर्मा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ओपी शर्मा को बार-बार कहे जाने पर भी खेद नहीं जताया। समिति ने ओपी शर्मा को दोषी मानते हुए क्षतिग्रस्त माइक को बदले जाने का पूरा खर्च उनके वेतन से काटे जाने और भविष्य में ऐसा दुर्व्यवहार न करने की चेतावनी दिए जाने की सिफारिश करती है।
मामले में बृहस्पतिवार को भावना गौड़ की तरफ से माइक तोड़ने के खर्च के रूप में 18,560 रुपये वसूली का प्रस्ताव विधानसभा में लाया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ओपी शर्मा अपने दुर्व्यवहार के लिए खेद प्रकट किया होता तो उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता था। आचरण समिति ने इस मामले में 20 जुलाई को पहली बैठक करने के बाद 11 अगस्त, 15 अगस्त, 26 अक्तूबर, 16 नवंबर को बैठक की।
ओपी शर्मा ने 16 नवंबर की बैठक में तर्क दिया कि फुटेज में माइक क्षतिग्रस्त करने की घटना दर्ज नहीं है। अगर माइक टूट गया था तो हाथ में क्यों नहीं आया? माइक क्षतिग्रस्त करने को शर्मा ने स्वाभाविक व्यवहार बताया।
वीडियो क्लीपिंग, अखबारों की खबर, सोमनाथ भारती के बयान और ओपी शर्मा के जवाब को आधार बनाकर समिति ने माना है कि शर्मा ने माइक तोड़ा है।
30 जून को बजट चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री के वक्तव्य से असहमति जताते समय माइक बंद किए जाने पर ओपी शर्मा ने गुस्से में माइक क्षतिग्रस्त कर दिया था। उसी दिन आप विधायक सोमनाथ भारती ने इस व्यवहार को गलत आचरण बताकर मामला आचरण समिति को सौंपने की मांग रखी थी।
