Delhi property tax increase, the discount will be reduced / दिल्ली में बढ़ेगा प्रॉपर्टी टैक्स, घट जाएगी छूट

Swati
0
आर्थिक संकट से बुरी तरह घिरी पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने अगले वर्ष बजट प्रस्ताव पेश करने के दौरान जनता की कमर तोड़ने के मामले में उत्तरी दिल्ली नगर निगम को भी पीछे छोड़ दिया। उसने प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी और विभिन्न छूट कम तो उसकी भांति की, लेकिन कई नए टैक्स लगाने के भी प्रस्ताव लेकर आई है।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त अमित यादव ने बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में वर्तमान वर्ष का संशोधन और अगले वर्ष का प्रस्तावित बजट पेश किया। उन्होंने आवासीय परिसरों की ए श्रेणी में दो प्रतिशत और सी, डी और ई श्रेणी में एक प्रतिशत की दर से प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।

इसके अलावा 30 जून तक एकमुश्त प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने पर मिलने वाली 15 प्रतिशत की छूट घटाकर 10 प्रतिशत, 100 वर्ग मीटर तक के आच्छादित क्षेत्र वाले डीडीए/सीजीएचएस के लिए वार्षिक मूल्य पर 10 प्रतिशत की छूट समाप्त करने की सिफारिश की।

आयुक्त ने प्रॉपर्टी टैक्स में वरिष्ठ नागरिकों/विकलांगों/महिलाओं को 200 वर्गमीटर तक के आच्छादित क्षेत्र तक एक संपत्ति पर 30 प्रतिशत की छूट घटाकर 20 प्रतिशत और क्षेत्र की शर्त 200 वर्गमीटर से घटाकर 100 वर्गमीटर करने का प्रस्ताव रखा। इसी तरह को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी (सीजीएचएस) में एकमुश्त भुगतान पर 20 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया।

दूसरी ओर उन्होंने कहा कि डीएमसी एक्ट के तहत सात प्रकार के टैक्स लगाए जाते हैं, मगर नगर निगम ने दो प्रकार के ही टैक्स लगा रखे हैं। इस तरह तीन प्रकार के नए टैक्स लगाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने शिक्षा उपकर, आजीविका/व्यवसाय पर कर और सुधार कर लगाने का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के कर लगाने चाहिए।

करों की दरों को राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुरूप प्रतिवर्ष बढ़ाना चाहिए। पार्किंग शुल्क एक जैसे न होकर सर्किल रेट के अनुसार स्वत: बढ़ने वाले व मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक होना चाहिए। थियेटर टैक्स शो के आधार की बजाय प्रति टिकट के आधार पर होना चाहिए।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)