दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सम-विषम नंबर के आधार पर डेवाइज वाहन की घोषणा हो चुकी है। कार प्लान के तहत दिल्ली सरकार ने सम-विषम नंबर की कार के लिए आज दिनों की घोषणा की।
कार प्लान 1 जनवरी से लागू किया जाएगा। सरकार के फैसले के मुताबिक विषम नंबर वाली कारें सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेंगी जबकि सम नंबर वाली कारें मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को चलेंगी।
हालांकि अभी तक रविवार के दिन का फैसला नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार के इस फैसले पर चर्चा का दौर जारी है। जहां कुछ लोग इसका समर्थन कर रहे हैं वहीं इसका विरोध भी किया जा रहा है।
कुछ लोग दूसरी कार खरीदने की भी योजना बना रहे हैं। अगर उनके पास सम नंबर की गाड़ी है तो दूसरी वह विषम नंबर की कार खरीदेंगे। इसी तरह विषम है तो वह सम नंबर की कार लेंगे।
हालांकि आपको बता दे कि अब ऐसा संभव नहीं है। क्योंकि दिल्ली में अब नए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर आपकी पसंद के अनुसार नहीं होता इसे क्लाउड कंप्यूटिंग तय करता है।
दिल्ली में वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 13 एमएलओ (मोटर लाइसेंसिंग अथॉरिटी) ऑफिस है। सभी एमएलओ ऑफिस में वाहन फोर सॉफ्टवेयर पर काम हो रहा है। इस व्यवस्था में सभी ऑफिस क्लाउड (वर्चुअल) सेंट्रल सर्वर से लिंक है।
आने वाले सभी आवेदनों के हिसाब से वही क्लाउड कंप्यूटिंग पर ही आपके वाहन का नंबर तय होता है। यह सम नंबर भी हो सकता है या विषम नंबर।
पहले गाड़ियों के शोरूम में पहले से रिजर्व नंबर दिखाकर पसंदीदा नंबर पाने का मौका होता था। वाहन फोर साफ्टवेयर आने के बाद यह विकल्प भी खत्म हो गया है।
अब एजेंसी को वहीं से कंप्यूटर के जरिए जानकारी देने के साथ सभी तरह के टैक्स भी ऑनलानि कंप्यूटर के जरिए पेमेंट करना होता है।
ऐसे में सम विषम नंबरों के आधार पर डेवाइज कार चलाने की योजना लागू होने पर अगर आप दूसरी कार अपनी सुविधानुसार नंबर के लिहाज से लेना चाहते है तो यह संभव नहीं है।
कार प्लान 1 जनवरी से लागू किया जाएगा। सरकार के फैसले के मुताबिक विषम नंबर वाली कारें सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेंगी जबकि सम नंबर वाली कारें मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को चलेंगी।
हालांकि अभी तक रविवार के दिन का फैसला नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार के इस फैसले पर चर्चा का दौर जारी है। जहां कुछ लोग इसका समर्थन कर रहे हैं वहीं इसका विरोध भी किया जा रहा है।
कुछ लोग दूसरी कार खरीदने की भी योजना बना रहे हैं। अगर उनके पास सम नंबर की गाड़ी है तो दूसरी वह विषम नंबर की कार खरीदेंगे। इसी तरह विषम है तो वह सम नंबर की कार लेंगे।
हालांकि आपको बता दे कि अब ऐसा संभव नहीं है। क्योंकि दिल्ली में अब नए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर आपकी पसंद के अनुसार नहीं होता इसे क्लाउड कंप्यूटिंग तय करता है।
दिल्ली में वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 13 एमएलओ (मोटर लाइसेंसिंग अथॉरिटी) ऑफिस है। सभी एमएलओ ऑफिस में वाहन फोर सॉफ्टवेयर पर काम हो रहा है। इस व्यवस्था में सभी ऑफिस क्लाउड (वर्चुअल) सेंट्रल सर्वर से लिंक है।
आने वाले सभी आवेदनों के हिसाब से वही क्लाउड कंप्यूटिंग पर ही आपके वाहन का नंबर तय होता है। यह सम नंबर भी हो सकता है या विषम नंबर।
पहले गाड़ियों के शोरूम में पहले से रिजर्व नंबर दिखाकर पसंदीदा नंबर पाने का मौका होता था। वाहन फोर साफ्टवेयर आने के बाद यह विकल्प भी खत्म हो गया है।
अब एजेंसी को वहीं से कंप्यूटर के जरिए जानकारी देने के साथ सभी तरह के टैक्स भी ऑनलानि कंप्यूटर के जरिए पेमेंट करना होता है।
ऐसे में सम विषम नंबरों के आधार पर डेवाइज कार चलाने की योजना लागू होने पर अगर आप दूसरी कार अपनी सुविधानुसार नंबर के लिहाज से लेना चाहते है तो यह संभव नहीं है।
