दिल्ली में स्मॉग और आबोहवा की कम होती गुणवत्ता अब डर की वजह बन रही है। दिल्ली के प्रदूषण से अमेरिकी दूतावास भी चिंतित है। अमेरिकी दूतावास ने अपने स्कूल के बच्चों को बचाने के लिए आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
दरअसल दिल्ली के चाणक्यपुरी में अमेरिकी दूतावास का एक स्कूल है। जहां पर बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए ये फैसला किया गया है। इतना ही नहीं यूरोप का देश नार्वे भी भारत में नौकरी को कठिन वर्ग में रखने जा रहा है।
ये दोनों ही फैसले उस वक्त सामने आए हैं जब दिल्ली में आबोहवा के स्तर को देखते हुए सांस लेना निर्धारित पैमाने से सोलह गुना खतरनाक माना गया है।
हालांकि दिल्ली में प्रदूषण पर बहस तेज हो गई है। एनजीटी ने भी दिल्ली की केजरीवाल सरकार को इस पर फटकार लगाई है। एनजीटी ने कहा सरकार से ये बताने के लिए कहा है कि प्रदूषण कब और कहां है।
जिससे बच्चों और बुजुर्गों को इससे बचाया जा सके। एनजीटी ने सख्ती के साथ सरकार से पूछा है कि उसके आदेशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है।
इतना ही नही ट्रिब्यूनल ने अफसरों को जानकारी ने होने को लेकर भी फटकार लगाई है। बता दें दिल्ली में दो दिन पहले ही आबोहव की गुणवत्ता में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई।
दरअसल दिल्ली के चाणक्यपुरी में अमेरिकी दूतावास का एक स्कूल है। जहां पर बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए ये फैसला किया गया है। इतना ही नहीं यूरोप का देश नार्वे भी भारत में नौकरी को कठिन वर्ग में रखने जा रहा है।
ये दोनों ही फैसले उस वक्त सामने आए हैं जब दिल्ली में आबोहवा के स्तर को देखते हुए सांस लेना निर्धारित पैमाने से सोलह गुना खतरनाक माना गया है।
हालांकि दिल्ली में प्रदूषण पर बहस तेज हो गई है। एनजीटी ने भी दिल्ली की केजरीवाल सरकार को इस पर फटकार लगाई है। एनजीटी ने कहा सरकार से ये बताने के लिए कहा है कि प्रदूषण कब और कहां है।
जिससे बच्चों और बुजुर्गों को इससे बचाया जा सके। एनजीटी ने सख्ती के साथ सरकार से पूछा है कि उसके आदेशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है।
इतना ही नही ट्रिब्यूनल ने अफसरों को जानकारी ने होने को लेकर भी फटकार लगाई है। बता दें दिल्ली में दो दिन पहले ही आबोहव की गुणवत्ता में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई।
