दिल्ली विधानसभा में पांचवें दिन भी बैठक की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कार्यवाही की शुरुआत होते ही नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता संविधान के हिसाब से सरकार के काम नहीं करने पर काम रोको प्रस्ताव लाना चाहते थे, जिसका नोटिस दिया था।
अध्यक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया। विजेंद्र गुप्ता कुछ बोलना चाहते थे तभी सत्तापक्ष की महिला विधायकों ने भी विरोध शुरू कर दिया। शुक्रवार को फिर वेल में आकर ओपी शर्मा को जेल भेजे जाने की मांग करती रहीं।
नेता प्रतिपक्ष ने जब भी कुछ बोलना चाहा तो अलका लांबा, बंदना, राखी बिडलान, सरिता सिंह और भावना गौड़ अध्यक्ष की कुर्सी के सामने विपक्ष के प्रस्ताव को कार्यवाही में बाधा पहुंचाने वाला बताती रहीं।
