दिल्ली विस में सोमवार को आम आदमी पार्टी सरकार दिल्ली जनलोकपाल विधेयक, 2015 पेश करेगी। विधेयक को इस तरह से अंतिम रूप दिया गया है कि इसमें जनप्रतिनिधि के साथ-साथ सिर्फ दिल्ली सरकार के अधिकारी ही नहीं, डीडीए, दिल्ली पुलिस, एमसीडी समेत दिल्ली में स्थित सभी ऑफिस दायरे में आएंगे।
सरकारी अधिकारियों को हर साल 31 जनवरी तक संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। जो नहीं देगा, उसका फरवरी से वेतन रोक दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, जनलोकपाल कानून में मुखिया जनलोकायुक्त होगा और दो अन्य सदस्य होंगे।
इनका चयन मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष समेत चार सदस्यीय समिति करेगी। जनलोकायुक्त केलिए योग्यता उच्च न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश रखी जाएगी। पुराने लोकायुक्त के मुकाबले जनलोकायुक्त को अथाह शक्तियां दी जाएंगी।
सरकारी अधिकारियों को हर साल 31 जनवरी तक संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। जो नहीं देगा, उसका फरवरी से वेतन रोक दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, जनलोकपाल कानून में मुखिया जनलोकायुक्त होगा और दो अन्य सदस्य होंगे।
इनका चयन मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष समेत चार सदस्यीय समिति करेगी। जनलोकायुक्त केलिए योग्यता उच्च न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश रखी जाएगी। पुराने लोकायुक्त के मुकाबले जनलोकायुक्त को अथाह शक्तियां दी जाएंगी।
