माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से बोर्ड परीक्षा 2016 के लिए मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों की लिस्ट मांगी गई है। स्कूलों को ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की लिस्ट अपलोड करनी है।
लिस्ट अपलोड करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2015 है। परिषद के शिक्षा निदेशक ने स्कूलों को सख्त हिदायत दी है कि वह लिस्ट में क्लर्क, चपरासी और सफाई कर्मचारियों का नाम न भेजें।
�जैसा कि 2015 की लिस्ट में कुछ स्कूलों की ओर से किया गया था। अगर ऐसा है तो उन नामों को तत्काल डिलीट कर दिया जाए। दरअसल, 2016 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के तुरंत बाद मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके लिए यूपी बोर्ड ने अभी से कवायद शुरू कर दी है। जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त अशासकीय और मान्यता प्राप्त वित्त विहीन विद्यालयों के प्राचार्यों को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर शिक्षकों के नाम अपलोड करना है।
पिछले वर्ष में इसमें कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई थीं। इसमें सबसे बड़ी कमी तथ्यों को छुपाकर अयोग्य शिक्षकों के नाम अपलोड करना रहा था। बोर्ड ने इसे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ माना है।
यही नहीं कुछ स्कूलों ने शिक्षकों के साथ-साथ गैर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों क्लर्क, चपरासी, लाइब्रेरियन, गेम्स टीचर और सफाई कर्मचारियों के नाम भी अपलोड कर दिए थे। बोर्ड ने इसे बेहद आपत्तिजनक माना है और वर्ष 2016 के मूल्यांकन के लिए इस प्रकार के कृत्य से बचने को कहा है।
लिस्ट अपलोड करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2015 है। परिषद के शिक्षा निदेशक ने स्कूलों को सख्त हिदायत दी है कि वह लिस्ट में क्लर्क, चपरासी और सफाई कर्मचारियों का नाम न भेजें।
�जैसा कि 2015 की लिस्ट में कुछ स्कूलों की ओर से किया गया था। अगर ऐसा है तो उन नामों को तत्काल डिलीट कर दिया जाए। दरअसल, 2016 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के तुरंत बाद मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके लिए यूपी बोर्ड ने अभी से कवायद शुरू कर दी है। जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त अशासकीय और मान्यता प्राप्त वित्त विहीन विद्यालयों के प्राचार्यों को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर शिक्षकों के नाम अपलोड करना है।
पिछले वर्ष में इसमें कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई थीं। इसमें सबसे बड़ी कमी तथ्यों को छुपाकर अयोग्य शिक्षकों के नाम अपलोड करना रहा था। बोर्ड ने इसे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ माना है।
यही नहीं कुछ स्कूलों ने शिक्षकों के साथ-साथ गैर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों क्लर्क, चपरासी, लाइब्रेरियन, गेम्स टीचर और सफाई कर्मचारियों के नाम भी अपलोड कर दिए थे। बोर्ड ने इसे बेहद आपत्तिजनक माना है और वर्ष 2016 के मूल्यांकन के लिए इस प्रकार के कृत्य से बचने को कहा है।
