दाउदपुर निवासी महिला सफाईकर्मी कमला ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। उसे ओमेगा सेक्टर स्थित सीनियर सिटीजन में ढाई से तीन लाख रुपये की कीमत के आभूषण मिले।
कमला ने आरडब्ल्यूए के माध्यम से दंपति के आभूषण लौटा दिए। इस पर आरडब्ल्यूए, सोसाइटी के लोगों और दंपति ने महिला को सम्मानित किया। होंडा सीएल कंपनी में काम करने वाले अंबर गुप्ता 2012 से सीनियर सिटीजन सोसायटी में परिवार सहित रहते हैं।
तीन माह पहले चोरों के डर से अंबर गुप्ता की पत्नी नीलम गुप्ता ने करीब ढाई से तीन लाख रुपये की कीमत के जेवरात अलमारी से निकालकर रजाइयों में छुपाकर रख दिए थे। अंबर ने 25 नवंबर को रजाइयों को निकालकर धूप में सुखा दिया।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने सुपरवाइजर समेत अन्य काम करने वाले लोगों से इस बारे में पूछताछ की। गहने खो जाने के बारे में रविवार को दाउदपुर निवासी महिला सफाईकर्मी कमला को पता चला तो वह आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के पास पहुंची और कहा कि उसे एक पोटली मिली थी, जिसमें कुछ गहने जैसे प्रतीत हो रहे हैं। वह पोटली घर ले गई थी। रविवार को दंपति और आरडब्लयूए के लोग कमला के घर गए और वहां से जेवर ले आए।
अंबर गुप्ता ने बताया कि कमला ने गहनों की पोटरी को खोला भी नहीं था। वह जैसी गिरी थी उसे वैसे ही रख लिया था। उसमें करीब ढाई से तीन लाख रुपये के जेवर थे। इस पर आरडब्ल्यूए की तरफ से 31 सौ रुपये देकर सम्मानित किया। दंपति ने 51 सौ रुपये देकर कमला को सम्मानित किया।
कमला ने आरडब्ल्यूए के माध्यम से दंपति के आभूषण लौटा दिए। इस पर आरडब्ल्यूए, सोसाइटी के लोगों और दंपति ने महिला को सम्मानित किया। होंडा सीएल कंपनी में काम करने वाले अंबर गुप्ता 2012 से सीनियर सिटीजन सोसायटी में परिवार सहित रहते हैं।
तीन माह पहले चोरों के डर से अंबर गुप्ता की पत्नी नीलम गुप्ता ने करीब ढाई से तीन लाख रुपये की कीमत के जेवरात अलमारी से निकालकर रजाइयों में छुपाकर रख दिए थे। अंबर ने 25 नवंबर को रजाइयों को निकालकर धूप में सुखा दिया।
शाम को उनकी पत्नी को याद आया तो पति से जेवरात के बारे में पूछा। उन्होंने जानकारी होने से इंकार कर दिया। दंपति ने इसकी जानकारी आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को दी।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने सुपरवाइजर समेत अन्य काम करने वाले लोगों से इस बारे में पूछताछ की। गहने खो जाने के बारे में रविवार को दाउदपुर निवासी महिला सफाईकर्मी कमला को पता चला तो वह आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के पास पहुंची और कहा कि उसे एक पोटली मिली थी, जिसमें कुछ गहने जैसे प्रतीत हो रहे हैं। वह पोटली घर ले गई थी। रविवार को दंपति और आरडब्लयूए के लोग कमला के घर गए और वहां से जेवर ले आए।
अंबर गुप्ता ने बताया कि कमला ने गहनों की पोटरी को खोला भी नहीं था। वह जैसी गिरी थी उसे वैसे ही रख लिया था। उसमें करीब ढाई से तीन लाख रुपये के जेवर थे। इस पर आरडब्ल्यूए की तरफ से 31 सौ रुपये देकर सम्मानित किया। दंपति ने 51 सौ रुपये देकर कमला को सम्मानित किया।
